जबलपुर में एक बार फिर धर्म परिवर्तन के आरोप में निजी स्कूल पर जमकर पथराव किया गया l स्कूल की खिड़कियों व दरवाजों के शीशे टूटे l मौके पर भारी पुलिस फोर्स भी तैनात था l ऐसा करने से पुलिस ने रोका लेकिन दूसरी साइड से कुछ महिलाएं बड़े-बड़े पत्थर बरसाने लगी l आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने सफाई कर्मचारियों को काम से निकाल दिया, क्योंकि इन लोगों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया l सफाई कर्मचारियों का कहना है "जब उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो नौकरी से निकाल दिया गया." सफाई कर्मियों ने इसकी जानकारी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को दी तो वे लोग स्कूल के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी l इनके साथ कुछ महिलाएं भी शामिल थीं l प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा l महिलाओं ने पत्थर बरसाकर स्कूल के मैन गेट व खिड़कियों के कांच फोड़ दिए l खिड़कियों के पल्ले भी उखाड़ दिए, जब पुलिस ने मैन गेट के अंदर घुसने से मना किया तो प्रदर्शनकारी पुलिस से ही भिड़ गए.सफाई कर्मचारी राकेश कुमारने बताया "वह 3 माह पहले तक यहां काम करता था l बीते 11 साल से यहां काम कर रहा था l उसे दो माह की वेतन देकर निकाल दिया गया l स्कूल के फादर उस पर दबाव डाल रहे थे कि वह चर्च जाना आना शुरू करे और अपना धर्म परिवर्तन कर ले, स्कूल के फादर सोमी जेकब का मोबाइल बंद मिला l स्कूल प्रबंधन का कहना है कि धर्मांतरण के आरोप गलत है धर्मांतरण नहीं किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ निकल गए कर्मचारियों का साफ कहना है की धर्म न बदलने पर ही उन्हें नौकरी से निकल गया l जबलपुर में लंबे समय से देखा जा रहा है कि धर्मांतरण को लेकर हंगामा होता है लेकिन ना तो ठीक से जांच होती है और ना ही किसी तरह की ठोस कार्रवाई होती है इसलिए लगातार इस तरह की घटनाएं घट रही है।