सीहोर l किसान कल्याण तथा कृषि विकाससहकारिता विभाग एवं उर्वरक सहकारी संस्था इफको द्वारा जिला पंचायत सीईओ श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। इस कार्यशाला में खरीफ फसलों की तैयारी एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग के बारे में बताया गया। कार्यशाला में रासायनिक एवं पारंपरिक उर्वरक के स्थान पर नैनों उर्वरकों के उपयोग में बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कियूरिया एवं डीएपी का पौधे मात्र 25 से 30 प्रतिशत तक ही उपयोग कर पाते हैं तथा  शेष नाइट्रोजन जमीन में नीचे रिस कर हमारे जल स्त्रोंतो को प्रभावित करता है।

 

      कार्यशाला में बताया गया कि नैनो यूरिया 4 मीली प्रति लीटर एवं डीएपी 5 मिली प्रति लीटर का उपयोग सीधे पत्तियों पर छिड़काव करके किया जाता है जिससे उर्वरक की एक संतुलित मात्रा ही पौधों को प्राप्त होती है। नैनो उर्वरक का उपयोग किसानों एवं पर्यावरण के हित में आवश्यक हैइसके उपयोग से उत्पादन में भी 5% की वृद्धि देखी गयी है। साथ ही आगामी सीजन में डीएपी उर्वरक की कम मात्रा में उपलब्धता होने से उसके स्थान पर एनपी के उर्वरक जैसे-12.32.1619.19.1916.16.16 आदि का उपयोग किया जाना चाहिए। कार्यशाला में उप संचालक कृषि श्री केके पाण्डेय जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पीएन यादव तथा इफको के राज्य विपणन प्रबंधक श्री प्रकाश चंद्र पाटीदार एवं उप महाप्रबंधक श्री आरकेएस राठौर सहित कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।