प्राकृतिक खेती तकनीकी के गुण सीखेंगी 50 कृषि सखियां
नरसिंहपुर l राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना अंतर्गत 50 कृषि सखियों के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केन्द्र एवं परियोजना संचालक आत्मा के समन्वयक से वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विशाल मेश्राम के मार्गदर्शन में हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 सितम्बर तक आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में नोडल प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण डॉ. निधि प्रजापति ने बताया कि प्राकृतिक खेती एक रसायन मुक्त पशु आधारित और टिकाउ कृषि पद्धति है, जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति एवं उर्वरा को बढ़ाती है। इसमें फसल वृद्धि और प्राकृतिक पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए कृषि में प्राकृतिक तरीकों का समावेश करके की जाती है।
नोडल प्राकृतिक खेती उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती शिल्पी नेमा ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए अधिक से अधिक कृषकों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए बताया। कृषि विस्तार प्रशिक्षण केन्द्र नरसिंहपुर श्री आरपी झारिया ने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती से होने वाले फायदों तथा उत्पादन लागत कम करके आय बढ़ोत्तरी के बारे में बताया।
प्रशिक्षण के दौरान जिले के फार्मर मास्टर ट्रेनर श्री कृष्णपाल पटैल, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. एसआर शर्मा, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. विजय सिंह सूर्यवंशी ने कहा कि समय- समय पर प्राकृतिक खेती विषय पर तकनीकी जानकारी दी जाएगी। मंगलवार को वैज्ञानिक डॉ. एसआर शर्मा ने प्राकृतिक खेती में फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन, डॉ. विजय सिंह सूर्यवंशी ने मिट्टी में कार्बनिक तत्व को बढ़ाने एवं उसके महत्व के बारे में बताया। इस दौरान श्रीमती दीप्ति यादव, श्रीमती रश्मि ठाकुर एवं आत्मा परियोजना के समस्त एटीएम/ बीटीएम मौजूद थे।



