जहां जल है वहां वृक्ष है,जहां वृक्ष है वहां हरियाली है इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं: मंत्री नागर सिंह चौहान
आलीराजपुर । मध्यप्रदेश शासन के महत्त्वाकांक्षी जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 का जिले में विकासखंड कट्ठीवाड़ा के ग्राम पंचायत अकोला में सफलतापूर्वक समापन हुआ। "जल है तो कल है" की भावना पर आधारित यह अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल संवर्धन, भू-जल पुनर्भरण तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागरसिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरी बाई खरत,कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर, जनप्रतिनिधि श्री भदू पचाया, सरपंच,सचिव उपस्थित रहे। जल गंगा संवर्धन अभियान में कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती संघमित्रा गौतम के मार्गदर्शन में जिला पंचायत, जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों एवं विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से जिले में अभियान अंतर्गत अनेक उल्लेखनीय कार्य संपादित किए गए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती संघमित्रा गौतम ने जानकारी देकर बताया कि अभियान के नोडल विभाग पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले की छह जनपद पंचायतों में 1007 खेत तालाब, 3282 डगवेल रिचार्ज निर्माण, 17 अमृत सरोवर, 171 बोरी बंधान, 26 बावड़ियों का जीर्णोद्धार एवं साफ-सफाई तथा 101 तालाब एवं स्टॉप डैम के गहरीकरण के कार्य कराए गए। जनपद पंचायत कट्ठीवाड़ा का प्रदर्शन विशेष रूप से उत्कृष्ट रहा। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में हैंडपंपों का क्लोरीनेशन, खराब हैंडपंपों की मरम्मत एवं उनके आसपास साफ-सफाई कराई गई। विभाग द्वारा 2343 विद्यालयों एवं 913 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल गुणवत्ता की जांच की गई तथा 28 पंप ऑपरेटरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 29 प्याऊ (जल मंदिर) स्थापित किए गए। 15 जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कर उनका संरक्षण किया गया। 35 नालों एवं नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 49 स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना, जल प्रदाय पाइप लाइनों की लीकेज का सुधार तथा 15 जल प्रदाय टंकियों की सफाई का कार्य भी कराया गया। वन विभाग द्वारा 12,375 कंटूर ट्रेंच, दो तालाबों का निर्माण एवं दो तालाबों का गहरीकरण कराया गया। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा तीन बलराम तालाबों का निर्माण किया गया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा 80 फलदार पौधों का रोपण, 626 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार तथा 18 पानी चौपाल एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2079 विद्यालयों की पानी की टंकियों की सफाई कराई गई। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा 90 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 72 नदी तटों की सफाई एवं गहरीकरण, 31 प्रभात फेरियां, 86 कलश यात्राएं, 155 जल स्रोत पूजन कार्यक्रम, 120 जल संरक्षण के लिए समर्पित व्यक्तियों का सम्मान तथा 233 स्थानों पर नारा लेखन के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण कर भू-जल स्तर में वृद्धि करना तथा लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि आज हम जल संरक्षण करेंगे तो आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने लोगों से अपने आसपास के कुओं, तालाबों और बावड़ियों की नियमित साफ-सफाई कर वर्षा जल संचयन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पहले जिले में पेयजल की गंभीर समस्या थी, लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था। वर्तमान में सरकार द्वारा हैंडपंप, बोरिंग, तालाबों एवं कपिलधारा योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में कुओं का निर्माण कराया गया है। आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से भी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जल संरक्षण की आवश्यकता बनी हुई है और वर्षा जल को रोकने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने फलोद्यान एवं नंदन उद्यान जैसी योजनाओं का लाभ लेकर पौधारोपण करने की अपील करते हुए कहा कि अधिक वृक्षों से भू-जल स्तर में सुधार, अच्छी वर्षा तथा पर्यावरण संतुलन बना रहेगा और बीमारियों में भी कमी आएगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को लाभान्वित कर रही है। कट्ठीवाड़ा विकासखंड की अकोला ग्राम पंचायत के 557 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा लाड़ली बहना योजना, एक बगिया मां के नाम तथा जनधन खाता जैसी योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी योजना से वंचित है तो वह प्रशासन से संपर्क कर लाभ प्राप्त कर सकता है।
मंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उर्वरक वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू की गई है, जिसके माध्यम से किसानों को उनकी भूमि एवं आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है। इससे खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है तथा ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से नियमानुसार किसानों को वितरण किया जाएगा। उन्होंने किसानों से किसी प्रकार की चिंता नहीं करने की अपील की। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चों एवं बेटियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके महत्व से सभी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि पीने, सिंचाई, घरेलू कार्यों, पशुपालन एवं पेड़-पौधों सहित जीवन के प्रत्येक कार्य के लिए पानी आवश्यक है। पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से आच्छादित है, इसलिए यदि हमने प्रकृति से जल लिया है तो उसे संरक्षित कर लौटाना भी हमारा दायित्व है। कलेक्टर ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 19 मार्च से 30 जून तक संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार, नए निर्माण, तालाबों के गहरीकरण सहित विभिन्न कार्य किए गए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक जल संरचना के निर्माण अथवा संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने किसानों से कम पानी वाली फसलों को अपनाने तथा ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से जिले के भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश जिला पंचायत सीईओ श्रीमती संघमित्रा गौतम ने वाचन किया और जल संरक्षण के लिए सामूहिक शपथ ग्रहण की गई। साथ ही जिले की छह जनपद पंचायतों की 30 ग्राम पंचायतों को जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा पौधा रोपण किया गया।
कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री निधि मिश्रा,एसीईओ श्री सिद्ध गोपाल वर्मा, नायब तहसीलदार सुश्री सरिता बालेचा, जनपद पंचायत सीईओ श्री गोपाल प्रजापति सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


