सत्यमेव जयते : सत्य प्रताड़ित हो सकता है लेकिन पराजित नहीं
भोपाल l नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर चल रहे विवाद में राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने उनके अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र को वैध माना है। इस संबंध में समिति ने आदेश जारी कर दिए है। जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान मंत्री प्रतिमा बागरी की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। इनमें उनके पिता और दादा के राजस्व अभिलेखों में भी बागरी (अनुसूचित जाति) दर्ज होने के प्रमाण मिले। समिति ने मामले की पुष्टि के लिए संबंधित जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और तहसीलदार से भी रिपोर्ट मंगाई थी। इन रिपोर्टों में भी उनकी जाति अनुसूचित जाति श्रेणी की पाई गई।प्रतिमा बागरी को वर्ष 2018 में सतना जिले की नागौद तहसील से स्थायी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था। छानबीन समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच के बाद इसे विधिसम्मत मानते हुए वैध माना है।


