शिक्षक हमारे समाज के लिए हमेशा प्रेरणा के स्रोत रहे हैं- मंत्री श्री पटेल
नरसिंहपुर । पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि शिक्षा जगत में गुरू परंपरा का निर्वहन करते हुए वैदिक सनातन संस्कृति से शिक्षा के क्षेत्र में पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का अमूल्य योगदान रहा है। डॉ. राधाकृष्णन श्रेष्ठ दार्शनिक और विचारक थे। उन्होंने प्रसिद्ध ग्रंथ भगवत गीता के श्लोकों का अर्थ और व्याख्या सरलता से प्रस्तुत की है, जो हमारे जीवन का महत्वपूर्ण सार है। मंत्री श्री पटेल शुक्रवार को पीजी कॉलेज नरसिंहपुर के ऑडिटोरियम में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मंत्री श्री पटेल ने मां सरस्वती की पूजा- अर्चना कर पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर शिक्षकों को शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि शिक्षक समाज के हर वर्ग को शिक्षा प्रदान करता है, जिससे वे संस्कारवान एवं संस्कृति रक्षक नागरिक बन सके। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने समाज को शिक्षित और जागरूक करने के अपने दायित्वों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन किया है। शिक्षकगण हमारे समाज के लिए हमेशा प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। समाज के हर वर्ग के व्यक्तियों को शिक्षा देकर उनका बेहतर जीवन बनाने का काम किया है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति सामर्थवान बनता है। शिक्षा के माध्यम से वह अपनी कठिनाईयों व समाज की बुराईयों को भी दूर करता है। शिक्षा रोजगार देने का सबसे अच्छा माध्यम है। इसके माध्यम से हम विभिन्न हुनर, कलां, संस्कृति एवं रोजगार के अवसर तैयार कर सकते हैं।
मंत्री श्री पटेल ने इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. राधाकृष्णन के जीवन की उपलब्धियों के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा का महत्व बढ़ गया है। शिक्षा के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे हमारा देश विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाली है। शिक्षा हमें समाज में एक जिम्मेदार नागरिक बनाती है। व्यक्ति के व्यवहार और कार्यों में शिक्षा का प्रभाव नजर आता है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति का जीवन सहज व सरल और संस्कारों से परिपूर्ण हो जाता है।
गोटेगांव में शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए मंत्री श्री पटेल
प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल विकासखंड गोटेगांव के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित शिक्षक दिवस सम्मान समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर हमारे जीवन में गुरू के महत्व की भूमिकाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि शिक्षकों ने समाज के हर वर्ग को शिक्षा और संस्कारों से परिपूर्ण किया है। कोई शस्त्र, शास्त्र, कला, सामान्य व्यवहार व ज्ञान की शिक्षा देता था। उन्होंने कहा कि आज एक सात्विक, चरित्रवान, विश्वास से भरे और संकल्पित पीढ़ी की जरूरत देश को है। देश में शिक्षा व संस्कार से परिपूर्ण समाज बनाने का काम सिर्फ शिक्षक ही कर सकते हैं। आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री महेन्द्र नागेश, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, शिक्षक, छात्र- छात्राएं और गणमान्य मौजूद थे।
मंत्री श्री सिंह ने इनका किया सम्मान
कार्यक्रम में मंत्री श्री पटेल ने सेवा निवृत्त होने पर गुरूदेवों का सम्मान किया। उन्होंने प्राचार्य श्री नेतराम ठाकुर, सहायक शिक्षक श्री विनोद पांडे, श्री केवलचंद्र नामदेव, श्री भगवानदास रजक, श्री भास्करन सेन, श्री राजेन्द्र सोनी, श्री गेंदालाल सोनी, श्री अशोक अग्निहोत्री, श्री राकेश राकेसिया, श्री दयाराम कोरी, श्री मुन्नालाल पटेल, श्रीमती सत्यवती नामदेव, श्रीमती उषा मुड़िया, श्रीमती मंजूला राठौर, श्री अनिल राय, श्री मलखान सिंह ठाकुर, श्री आशाराम परसवार, श्रीमती उमा खंगार और श्रीमती अंजना उपाध्याय का सम्मान किया।



