इसानियत शर्मसार : सरकारी डॉक्टरों की बंगलों पर दुकान को बंद करवाइए
ग्वालियर के जयारोग्य जैसे बड़े अस्पताल से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है l मुरैना के कृष्णा श्रीवास को सड़क हादसे में घायल होने पर गंभीर चोटें आई थीं। परिजन उसे जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर लेकर आए, लेकिन यहां उसका इलाज लापरवाही की भेंट चढ़ गया। कृष्णा के मामा पवन सेन ने बताया कि उसके पैर में फ्रैक्चर था लेकिन प्लास्टर चढ़ाने में ही दो दिन लगा दिए। इलाज भी ठीक से नहीं मिला। ट्रामा सेंटर में सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति के चलते पूरा जिम्मा जूनियर डॉक्टरों पर था l कृष्णा की मौत के बाद परिजन शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने पीड़ित परिवार से 500 रुपये की मांग की। जब स्वजन ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना को जानकारी दी, तब भी हालात नहीं बदले। अंततः मजबूरी में परिवार को पैसे देने पड़े। मृतक के मामा भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के संभागीय मीडिया प्रभारी पवन सेन ने सीएम डॉ. मोहन यादव को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट भी की। इसमें उन्होंने लिखा कि" सड़क दुर्घटना में मृत के परिजन से कफन के पैसे मत मांगो सरकार, मुख्यमंत्री जी ध्यान दीजिए।" सरकारी डॉक्टरों की बंगलों पर दुकान को बंद करवाइए, ग्वालियर ट्रामा सेंटर का भगवान ही मालिक है।



