मध्य प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर का राजनैतिक मिजाज दोनों ही राजनैतिक दलों के लिए खासी अहमियत रखता है। इंदौर, मालवा की राजनैतिक दिशा को निर्धारित करता है । कभी इंदौर में कथा ,प्रवचन और भोजन भंडारे कराने के लिए सबसे ज्यादा मशहूर रहे भाजपा नेता रमेश मेंदोला राजनीति के पथ पर अब काफी आगे निकल चुके हैं । रमेश मेंदोला इंदौर - 2 विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं, 2008 ,2013 ,और 2018 के चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशियों को करारी शिकस्त दी, 2013 में वे 91000 वोटो से चुनाव जीते और 2018 में 71000 वोटो से चुनाव जीते । नव निर्वाचित विधानसभा की सबसे अधिक वोटो से जीतने वाले विधायक विजेता का खिताब उन्होंने अभी भी बरकरार रखा हुआ है। उनको जानने वाले लोग कहते हैं कि उनके पैर में पदम है ,जो शुभ साबित होता है। रमेश मेंदोला को भाजपा की राजनीति के लिए शुभंकर माना जाता है । यदि चुनाव संचालन की बात की जाए तो उन्हें चुनाव संचालन का लंबा अनुभव है। चुनावी राजनीति के  वे माहिर खिलाड़ी हैं और उन्हें चुनावी राजनीति के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है । उनके चुनावी मैनेजमेंट का कोई तोड़ नहीं है। हर बार भाजपा उन पर विश्वास करती है और वे भी उस भरोसे पर सौ टका खरा उतर कर दिखा देते हैं, 2019 के लोकसभा चुनाव में रमेश मेंदोला भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी के चुनाव प्रभारी बनाए गए और लालवानी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5,50,000 वोटो से जीत दर्ज की , 2020 के उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए मंत्री तुलसीराम सिलावट के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के रमेश मेंदोला प्रभारी बनाए गए और तुलसीराम सिलावट उस चुनाव में 53000 से भी ज्यादा वोटो से चुनाव जीते। इसी तरह 2021 में अलीराजपुर के उपचुनाव में जोबट विधानसभा का उन्हें प्रभारी बनाया गया । जोबट का राजनैतिक मिजाज कांग्रेस का ही था, इसके बावजूद जोबट के चुनाव प्रभारी बनाए गए रमेश मेंदोला की कुशल रणनीति के चलते भाजपा प्रत्याशी सुलोचना रावत 6000 वोटो से चुनाव जीत गई। उनके इसी कुशल चुनावी प्रबंधन और उनकी इसी काबिलियत को देखते हुए उन्हें इंदौर  में भाजपा के महापौर प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव को चुनाव जीतने की जिम्मेदारी दी गई । उन्हें महापौर प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव का चुनाव प्रभारी बनाया गया और एक बार फिर रमेश मेंदोला ने अपने कुशल चुनावी प्रबंधन के चलते भाजपा को इंदौर मेयर के चुनाव में 1,33, 176 वोटो से विजय श्री दिला दी ।  मेंदोला मध्य प्रदेश के नेताओं के ही नहीं बल्कि भाजपा की केंद्रीय राजनीति के बड़े नेताओं की भी पसंद माने जाते हैं।