बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहाउद्दीन अहमद का वो बयान जिसने दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। तारिक रहमान की सरकार ने अब शेख हसीना को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लाने की बात कही है। दरअसल ढाका में एक हाई लेवल मीटिंग होती है और इसके बाद गृह मंत्री बांग्लादेश के सलाउद्दीन अहमद ने साफ कह दिया कि शेख हसीना की वापसी अब केवल एक राजनीतिक मांग नहीं है बल्कि एक औपचारिक प्रक्रिया बन चुकी है।बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वे हसीना को कानूनी माध्यमों से वापस लाना चाहते हैं। साल 2013 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई प्रत्यार्पण संधि का हवाला दिया जा रहा है। हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में नरसंहार जैसे दर्जनों मामले दर्ज किए गए हैं। जिनका सामना करने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी बताई जा रही है।