मंडला l प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढावा देनेकृषि की उन्नत तकनीको एवं उन्नत यंत्रों के बारे में जिले के कृषकों को जानकारी एवं तकनीकी परामर्श देने के लिए आरडी कॉलेज में कृषक संगोष्ठी कलेक्टर कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन पीएचई मंत्री श्रीमती संपतिया उईकेसांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्तेजिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशरामनिवास विधायक श्री चैनसिंह वरकडे़बिछिया विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा की मौजूदगी में हुआ।

            मंत्री श्रीमती उईके ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। आज खेती में रसायनोंयूरियाकीटनाशक आदि को अत्यधिक प्रयोग किया जा रहा है जिससे मिट्टी की उर्वरता सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता है। किसानों को रसायनिक खेती से होने वाले नुकसान की जानकारी होना चाहिए साथ ही इसके विकल्प के तौर पर क्या किया जा सकता है यह बताने के लिए संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

            मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती बहुत ही आसान और किफायती है। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इससे उत्पन्न खाद्य पदार्थ खाने से हम स्वस्थ रहेंगे और बीमारियों से बचेंगे साथ ही साथ हमे इसकी उपज का अच्छा दाम भी मिलेगा। मंडला जिला जैविक कृषि विकास के अनुकूल है। सरकार की मंशा कृषि उत्पादन को बढ़ानाउत्पादन की लागत को कम करना और कृषि उपज के उचित दाम दिलाना है। अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का फल वाजिब दामों के रूप में मिल रहा है।

            श्रीअन्न (मोटे अनाज) जैसे कोदो- कुटकीज्वारबाजरारागी आदि की फसल के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि यह मोटे अनाज कम पानी में अधिक पैदावार देते है। रसायनमुक्त खेती के लिए यह मददगार है। हमारे पूर्वजों ने विविधतापूर्ण खेती पर जोर दिया। अब परम्परागत खेती को आधुनिक उन्नत खेती के साथ सम्मिश्रित करके अपनानेे की आवश्कता है। सरकार भी अब कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ख़रीदी कर रही है। इसके अलावा कोदो-कुटकी की खेती करने वालों को प्रति क्विंटल एक हज़ार रुपये बोनस के तौर पर दिया जाएगा। जैविक और प्राकृतिक उत्पादों को बाजार में बढ़ावा देने की बात उन्होंने की। 

  मंत्री श्रीमती उईके ने यूरिया की आपूर्ति के संबंध में कहा कि विगत वर्ष 27800 मी.टन का भंडारण हुआ थाइस वर्ष 2025-26 खरीफ में 27300 मी.टन का भंडारण हुआ है। वार्षिक आपूर्ति 99 प्रतिशत की जा चुकी है। खरीफ वर्ष 2025-26 में विभागीय टीमों द्वारा बीजखाद की दुकानों का निरीक्षण किया गया। अनियमितता पाये जाने पर 5 एफआईआर दर्ज कराई गयी, 7 लाइसेंस सस्पेंड जबकि 3 लाइसेंस निरस्त किये गए हैं।