एक दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण संपन्न

शाजापुर l प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड विकास एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल, सीपा संस्था द्वारा आज एक दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र शाजापुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला समन्वयक ने आईटीसी मिशन सुनहरा कल द्वारा निर्धारित चार स्तंभ जलवायु कुशल कृषि, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन ,आजीविका विविधीकरण एवं कृषकों को संस्थागत जुड़ाव पर जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. जी.आर. अम्बावतीया द्वारा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों, कृषि संबंधी नवीनतम तकनीकों से किसानों को अवगत कराया गया। साथ ही उन्होंने रबी सीजन की मुख्य फसलों गेंहू, सरसों की कृषि कार्यमाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे उन्होंने कृषि की लागत कम करने व बेहतर उत्पादन के लिए अधिकारियों व कृषकों को भूमि की तैयारी, मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, गेहूं और सरसों आदि फसल की किस क्षेत्र में कौन सी प्रजाति बुवाई के लिए उपर्युक्त है उनका चयन, फसल बोने की पद्धतियों जैसे- संतुलित एवं उन्नत बीज, बीज अंकुरण परीक्षण, बीज उपचार, लाइन से बीज बुवाई, संतुलित उर्वरक, खाद व कीटनाशक छिड़काव, सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन, फसलों में समय से सिंचाई, कीट एवं रोग प्रबंधन एवं फसलों की कटाई व बीज भंडारण आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक डॉ. एच.एस. धाकड़ द्वारा सब्जी उत्पादन की पैकेज ऑफ प्रैक्टिस, मलचिंग, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के माध्यम से सिंचाई के पानी का समुचित उपयोग आदि के बारे में विस्तृत से जानकारी दी गई। साथ ही जिला परियोजना अधिकारी श्री विश्वास तारे द्वारा परियोजना की अवधारणा, उद्देश्य के बारे में चर्चा कर किसान भाइयों को अधिक से अधिक खेत तालाब बनाने के लिए प्रेरित करने की जानकारी दी गई। जिसका मुख्य उद्देश्य इन मैदानी अमले के द्वारा ग्रामीण स्तर पर जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों से कृषकों को प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित कर कम लागत में बेहतर उपज प्राप्त की जा सके। कार्यक्रम में पीएमकेएसवाय, कृषि विभाग दल एवं आत्मा परियोजना कृषि सखी तथा लीड फॉर्मर उपस्थित थे।