भोपाल। महिलाएं मल्टी टास्किंग के माध्यम से परिवार को एक सूत्र में पिरोकर समाज को गढ़़ती हैं । उनके व्यक्तित्व में कई व्यक्तित्व समाये होते हैं । आज महिलाओं की भागीदारी समाज में हर स्तर पर बढ़ रही है । अब वह न सिर्फ परिवार और समाज बल्कि प्रदेश को मजबूती देने का काम भी कर रही हैं । ऐसी ही एक महिला आईएएस अफसर हैं खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी।                                1994 बैच की आईएएस अफसर रश्मि अरुण शमी निरंतर मॉनिटरिंग और निर्णयों के जरिए परिणाम आधारित व्यवस्था देने के लिए जानी जाती हैं । प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही तय करने वाली उनकी अपनी कार्यशैली है । उन्हें निजी जीवन में भी सादगी का उदाहरण माना जाता है, वह बेहद सादा जीवन जीने वाली महिला अफसर हैं l वरिष्ठ पत्रकार तेजेंद्र भार्गव ने उनसे लंबी चर्चा की । प्रस्तुत हैं उस साक्षात्कार के मुख्य अंश ...                            सवाल - आपने भारतीय प्रशासनिक सेवा को ही क्यों चुना ?                                                         जवाब - क्योंकि भारतीय प्रशासनिक सेवा में विभिन्न विभागों में कार्य करने का अवसर मिलता है और जनता के विभिन्न तबकों की सेवा करने का मौका भी मिलता है ।                                                  सवाल - आपके दृष्टिकोण से सफलता का मूल मंत्र क्या है ?                                                      जवाब - सफलता का मूल मंत्र सिर्फ और सिर्फ परिश्रम है, सफलता दिल से मेहनत करने से प्राप्त होती है । सफलता का मापदंड हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। मेरे लिए सफलता का मापदंड जनता के हित में काम करना है ,जो मैं परिश्रम के साथ कर रही हूं ।                           सवाल - आपके नजरिए से कर्म के साथ-साथ भाग्य का साथ मिलना कितना जरूरी है।                   जबाव - इसमें कोई दो राय नहीं है कि भाग्य का साथ होना आवश्यक है लेकिन इसके साथ-साथ यह भी उतना ही सच है कि कर्म नहीं किया तो भाग्य अकेला साथ नहीं दे सकता ।                                     सवाल - अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आप महिलाओं को क्या संदेश देना चाहेंगी ।                              जवाब - यह बहुत प्रसन्नता का विषय है कि सभी क्षेत्रों में महिलाएं निरंतर आगे बढ़ रही है । में सारी कामकाजी महिलाओं को संदेश देना चाहती हूं कि अपने घर , पड़ोस की महिलाओं को जीवन में स्वावलंबी होने के लिए प्रोत्साहित करें । मेरे विचार से हर महिला को आर्थिक रूप से स्वावलंबी होना चाहिए।                                                       सवाल - महिला अफसर होने के नाते क्या कभी आपको किसी तरह के भेदभाव या दिक्कतों का सामना करना पड़ा है ?                                   जवाब - मध्यप्रदेश ऐसा राज्य नहीं है कि कोई समस्या आए । मुझे शासकीय सेवा के दौरान ऐसी किसी भी प्रकार की दिक्कत या भेदभाव का सामना कभी नहीं करना पड़ा।                                   सवाल - आपके विभाग में शिकायतों के निराकरण की क्या व्यवस्था है ?                                        जवाब - मैं किसी भी शिकायत के निराकरण के लिए हमेशा तत्पर हूं एवं जो भी शिकायत लेकर मेरे पास आते हैं। मैं उनसे मिलती हूं और उनकी शिकायत के निराकरण का प्रयास करती हूं। जनता की क्या शिकायतें हैं इसके लिए सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की मॉनिटरिंग भी समय-समय पर करते रहती हूं।                                                      सवाल - आपके विभाग का मूल उद्देश्य क्या है ?         जवाब - हमारे विभाग का मूल काम गेहूं, ज्वार, बाजरा, धान समेत अन्य फसलों का उपार्जन कर समर्थन मूल्य पर खरीदी करना और इसका भंडारण कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आम जनता तक पहुंचना है l वहीं उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण करना भी है और इसके लिए विभाग की विभिन्न फोरम और आयोग भी काम करता है l        सवाल - क्या आने वाले दिनों में घरेलू गैस, एलपीजी, सीएनजी और पेट्रोल - डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है  ?                                   जवाब - नहीं, बिल्कुल भी नहीं ऐसी किसी भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा । घरेलू गैस, एलपीजी की अभी भी कोई कमी नहीं है। कमर्शियल सिलेंडर पर जरूर केंद्र की ओर से थोड़ा सा अंकुश लगाया गया है । यह समस्या भी दो-तीन दिन में दूर हो जाएगी।