एडवोकेट अनिल मिश्रा को मिली हाईकोर्ट से बड़ी राहत
ग्वालियर में अंबेडकर पोस्टर जलाने की घटना सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने अनिल मिश्रा समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ग्वालियर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि एफआईआर में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनके आधार पर अनिल मिश्रा को नोटिस देकर पूछताछ की जा सकती थी l हिरासत में लेना अंतिम विकल्प होना चाहिए था, जबकि इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी को अवैध रूप से डिटेन किया गया। इसी आधार पर जमानत प्रदान की गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और समान राशि की जमानत पर छोड़ा जाए। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद चार दिनों से जेल में बंद अनिल मिश्रा की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।



