उत्सव, आदेश और उलझनों के बीच बीते दस दिन
बीते दस दिन- साल का पहला दिन पूजा और पर्यटन का रहा, तो कहीं निलंबन, नोटिस और वीडियो वायरल होते दिखाई दिए। जंगल में बाघ के शावक दिखे, तो फाइलों में व्यवस्था भटकती रही। कागज़ पर सख्त निर्देश और निर्देशों का पिंडदान नालियों में बहता दिखा।
"दशगात्र " उन दस दिनों का लेखा-जोखा, जो प्रेस नोट से बाहर और जनजीवन को प्रभावित करता है।
रायसेन जिले की दस दिन की घटनाओं का लेखा-जोखा
दशगात्र
उत्सव, आदेश और उलझनों के बीच बीते दस दिन
— हरीश मिश्र
नव वर्ष का पहला दिन मंगलमय रहा। रायसेन दुर्ग और सांची में पर्यटकों की चहल-पहल दिखी तो छींद धाम और भोजपुर में आस्था का सैलाब उमड़ा।
कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने राजस्व न्यायालयों को आई एस ओ सर्टिफाइड करने का संकल्प लिया, लेकिन राजस्व न्यायालय, सांची में पदस्थ रीडर राजेश गीते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें गांधी जी की तस्वीरें दराज में रख रहे थे। परिणामस्वरूप कलेक्टर को संकल्प से पहले निलंबन का आदेश देना पड़ा। तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार की ज्यादा शिकायतें आती हैं। यह सोचना कि बाबू के निलंबन से भ्रष्टाचार कम हो जाएगा वैसा ही है जैसे यह कहा जाए शेर को जंगल से हटाकर मैदान में रख दो तो वह घास खाने लगेगा।
स्वास्थ्य विभाग के लिए अच्छी खबर है, राजनैतिक हस्तक्षेप के बाद राम जी की कृपा से डॉ दिनेश खत्री मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पुनः पदस्थ हुए हैं। अब व्यवस्थाएं सुधरने की उम्मीद है, क्योंकि बिल्ली को ही दूध की रखवाली सौंप दी गई है। अब तो जमीं भी डाक्टर खत्री की होगी और आसमान में पतंगें भी उनकी उड़ेंगी।
जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, लेकिन पांच सोनोग्राफी मशीनें हैं। जिला चिकित्सालय में मशीनों पर धूल जम रही है और निजी चिकित्सालय और मेडिकल पर सोनोग्राफी मशीनें सोना उगल रही हैं।
अच्छी खबर ये है कि "नगर सरकार" नगर भ्रमण पर है। निर्वाचित भाभी जी घर पर हैं ! जनप्रतिनिधियों का आधा शरीर भ्रमण कर नागरिकों की समस्याएं सुन रहे हैं और समाधान निकाले जा रहे हैं।विष्णु प्रभाकर का प्रसिद्ध उपन्यास है अर्द्धनारीश्वर, जिसमें शिव और शक्ति के माध्यम से स्त्री और पुरुष के विभिन्न स्वरूपों का उल्लेख है। उस उपन्यास में उल्लेख है कि भारत में लोकतंत्र आएगा और लोकतंत्र में आधा शरीर घर पर रहेगा और आधा निरीक्षण कर अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश देगा।
वहीं नगर के नए बस स्टैंड पर नगर पालिका ने नए इरादों के साथ खुदाई शुरू कर दी। गुमठियों की जगह पक्की दुकानें बनेंगी, यात्री प्रतीक्षालय भी टूटेगा । तर्क साफ है—तोड़फोड़ से ही सबका विकास होता है। वैसे भी जनप्रतिनिधि चैन से नहीं बैठते, सेवा करके ही दम लेते हैं।
अति पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी का आक्रमण हुआ । अवैध कालोनियों पर बसने से पहले ही सख्त कार्रवाई की गई है ।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेखा जाटव की कार्यपद्धति प्रशंसनीय है, जब तक कलेक्टर निर्देश नहीं देते वह कोई भी कार्यवाही नहीं करतीं। कलेक्टर ने नागरिकों को साफ, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही नालियों में पड़ी पाइप लाइनों में वर्षों से हो रहे सुराखों को बंद करने पर ध्यान दिया। जबकि क़त्ल की नदी हलाली का दूषित पानी बरसों से वितरित किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग की सीएम हेल्पलाईन शिकायतों की समीक्षा कलेक्टर ने की और पुरानी परंपरा अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी को एक बार फिर नोटिस दिया। जिला शिक्षा अधिकारी को वर्तमान कलेक्टर ने सर्वाधिक नोटिस दिए हैं। 26 जनवरी पर उनको इसका पुरुस्कार मिलना चाहिए। शिक्षा विभाग परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए प्रशिक्षण और सेमिनारों में सक्रिय है। धरातल पर ढाक के तीन पात।
रायसेन के जंगलों में बाघ परिवार के नन्हे शावक अठखेलियां करते दिखे, लेकिन बेगमगंज रेंज में तेंदुए का शव नाले में मिला। ग्राम सतकुंडा में अवैध अतिक्रमण पर वन विभाग ने कार्रवाई की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में जिले भर में हिंदू सम्मेलन आयोजित कर रहा है। दल बदलने के बाद स्वयं सेवक बने स्वयं सेवकों की सक्रियता अपने उफान पर है।
रायसेन में 2.98 करोड़ की लागत से नाला निर्माण शुरू हो गया है। अभी नाले की गुणवत्ता अच्छी दिखाई दे रही है। मंडी में पीले सोने यानी धान की आवक बढ़ी है—किसानों के चेहरे पर उम्मीद की हल्की चमक दिख रही है। रावण का दहन कर विकास के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ प्रभु राम चौधरी ने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है । वैसे तो प्रदेश में पत्रकारों के 56 संगठन सक्रिय हैं लेकिन सबसे सक्रिय संगठन जिसका प्रदेशाध्यक्ष ना कभी बदला है, ना ही बदलेगा, को नये जिलाध्यक्ष संजय चौहान के रुप में मिल गये हैं। वह श्रम कर आजीविका चलाने वाले पत्रकारों का नेतृत्व करेंगे।
ये थे रायसेन के बीते दस दिन—
कुछ उत्सव में, कुछ विवाद में,
कुछ जंगल में, कुछ फाइलों में।
अगले दस दिन क्या लाएंगे
यही अगले दशगात्र में बताएंगे।
लेखक ( स्वतंत्र पत्रकार )
9584815781



