डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/ जोनल पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्त इंदौर-भोपाल,रेंज उप महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंस,प्रदेश में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के दिए निर्देश
भोपाल । नवरात्रि, गुडीपड़वा, चैती चांद एवं ईद के त्यौहारों पर शांति एवं कानून व्यवस्था बहाल रहे और सौहार्द बना रहे, इसके दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में समस्त एडीजी/आईजी, पुलिस आयुक्त भोपाल एवं इंदौर रेंज, डीआईजी एवं समस्त पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में एडीजी (इंटेलिजेंस) श्री ए.साईं मनोहर और डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर श्री तरूण नायक तथा डीआईजी डी. कल्याण चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे।
त्यौहारों के दौरान बनाए रखें शांति एवं सौहार्द
डीजीपी श्री मकवाणा ने निर्देशित किया है कि प्रदेशभर में आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों, जुलूसों एवं शोभायात्राओं के दौरान शांति एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा विशेष सतर्कता बरती जाए। मंदिरों में पर्याप्त बैरिकेटिंग कर भीड़ नियंत्रण उपाय किया जाए ताकि सतत् दर्शन हो सकें।
सामुदायिक पुलिस के माध्यम से संवाद और समन्वय बनाए रखें
उन्होंने बताया कि जिला, थाना एवं बीट स्तर पर शांति समिति एवं नगर/ग्राम रक्षा समितियों की बैठक आयोजित की जा चुकी हैं, दोनों समुदायों के प्रतिष्ठित नागरिकों एवं धर्मगुरुओं से सतत संवाद एवं समन्वय बनाए रखा जाए। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जाए।
महिला सुरक्षा के प्रति रहें सजग
डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि त्यौहारों के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि महिलाओं के साथ कोई अभद्रता की घटना ना हो। महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
धार्मिक आयोजनों एवं जुलूसों के लिए दिशा-निर्देश
डीजीपी ने निर्देशित किया है कि सभी जुलूस एवं शोभायात्राएं केवल पारंपरिक एवं गैर-विवादित मार्गों से विधिवत अनुमति उपरांत ही निकाली जाएं तथा उनकी वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जाए। जुलूसों के दौरान डीजे एवं लाउडस्पीकर के उपयोग को नियंत्रित रखते हुए आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। धार्मिक स्थलों के समीप एवं जुलूस निकालते समय विशेष सतर्कता बरती जाए, जिससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत न हों।
असामाजिक तत्वों पर रखें विशेष नजर
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डीजीपी श्री मकवाणा ने जोर देते हुए कहा कि डीजे पर आपत्तिजनक गाने ना बजाए जाएं, इसके लिए डीजे संचालकों को निर्देशित करें। विशेषकर शरारती तत्वों और उपद्रव फैलाने वाले लोगों की पहचान पहले ही कर ली जाए और उन पर विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थलों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और जुलूस मार्गों पर प्रतिबंधित आतिशबाजी के उपयोग पर निगरानी रखी जाए। उन्होंने सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिये निगरानी और प्रमुख स्थानों पर डायल 112 को मुस्तैद किए जाने के निर्देश दिए।
सुरक्षा के दृष्टिगत अन्य विभागों से करें समन्वय
डीजीपी श्री मकवाणा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निगम/नगर पालिका, विद्युत विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
पुलिस बल की तैयारी एवं संसाधन सुनिश्चित करें
सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया जाए कि वे अपने शासकीय वाहनों में आवश्यक दंगा-रोधी उपकरण (Anti Riot Gear) एवं अन्य संसाधन उपलब्ध रखें। ड्यूटी में लगाए गए पुलिस बल को पूर्व में समुचित ब्रीफिंग एवं ड्यूटी उपरांत डी-ब्रीफिंग सुनिश्चित की जाए तथा आसूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों पर रखें विशेष निगरानी
डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि विगत वर्षों में जिन स्थानों पर सांप्रदायिक घटनाएं एवं विवाद की परिस्थितयां बनीं हैं, उन सभी संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर उनकी विशेष निगरानी की जाए। त्यौहारो पर निकलने वाले जुलूस के मार्गों को चिन्हांकित कर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। इस दौरान पुलिस की निगरानी के लिए वीडियोग्राफी करें। सभी संवेदनशील क्षेत्रों व हॉट स्पॉट की लिस्ट बनाकर वरिष्ठ अधिकारी खुद उनका भ्रमण करें व सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा करें।
सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखें
डीजीपी श्री मकवाणा ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित संदेशों व वीडियो पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिए। यदि कोई भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है तो अविलंब इसका खंडन करें और सही जानकारी से अवगत कराएं।


