मध्यप्रदेश पुलिस एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल
भोपाल । मध्यप्रदेश पुलिस के सामुदायिक पुलिसिंग प्रभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित “जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षकों हेतु तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training of Trainers – ToT) 2 से 4 जून 2026 तक मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी, भोपाल में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी शिक्षण सत्र में प्रदेशभर के विद्यालयों में संचालित किए जाने वाले “सृजन संवाद” कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधिकारियों एवं शिक्षकों को प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभिषेक सिंह, डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग प्रभाग डॉ. विनीत कपूर, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग श्री एच.एन. नेमा, एआईजी सामुदायिक पुलिसिंग श्री अमृत मीणा, उप निदेशक मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी डॉ. संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक राज्य साइबर सेल भोपाल श्री प्रणय नागवंशी तथा संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) मध्यप्रदेश के राज्य प्रमुख श्री सुनील थॉमस जैकब की उपस्थिति में हुआ। समापन सत्र में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग श्री देव प्रकाश गुप्ता, अपर परियोजना संचालक स्कूल शिक्षा विभाग श्रीमती नंदा भलाबे कुसरे, यूएनएफपीए के राज्य प्रमुख श्री सुनील थॉमस जैकब, मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी की उप निदेशक श्रीमती रश्मि पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों एवं सामाजिक संस्थाओं ने साझा किया अनुभव
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. विनीत कपूर द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग एवं सृजन संवाद कार्यक्रम की अवधारणा, उद्देश्य एवं क्रियान्वयन मॉडल पर विस्तृत जानकारी दी गई। एआईजी श्री अमृत मीणा ने पुलिस व्यवस्था एवं कार्यप्रणाली विषयक सत्र का संचालन किया। राज्य साइबर सेल की टीम द्वारा साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। सहभागितापूर्ण प्रशिक्षण तकनीकों एवं किशोरों के साथ प्रभावी संवाद पर मनोवैज्ञानिक काउंसलर डॉ. अंकुश वर्मा ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में सामाजिक क्षेत्र की विशेषज्ञ संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता भी रही। बचपन संस्था से श्रीमती दीप्ति दीवान, संगिनी संस्था से श्रीमती प्रार्थना मिश्रा, आरम्भ संस्था से श्रीमती अर्चना सहाय तथा जनसाहस संस्था से सुश्री अनुष्का तिवारी ने मानवाधिकार, बाल अधिकार, महिला अधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता तथा संबंधित कानूनों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। विशेषज्ञों के अनुभव एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाया।
प्रशिक्षण के दौरान भारतीय संविधान, मानवाधिकार एवं बाल अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, महिला अधिकार एवं सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नारकोटिक्स एवं नशा उन्मूलन, पुलिस व्यवस्था एवं उसकी कार्यप्रणाली सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही प्रतिभागियों को संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण प्रशिक्षण तकनीकों, प्रस्तुतीकरण कौशल, कार्ययोजना निर्माण तथा रिपोर्टिंग तंत्र के संबंध में भी प्रशिक्षित किया गया।
57 जिलों के पुलिस अधिकारियों एवं शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 57 जिलों, जिनमें भोपाल एवं इंदौर ग्रामीण जिले भी शामिल हैं, की सहभागिता सुनिश्चित की गई। प्रत्येक जिले से एक डीएसपी स्तर के अधिकारी, एक उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी तथा एक्सीलेंस स्कूलों से दो-दो व्याख्याताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रकार पुलिस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को एक साझा मंच पर प्रशिक्षण प्रदान कर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की मजबूत आधारशिला तैयार की गई।
विद्यार्थियों को मिलेगा व्यवहारिक और संवादात्मक शिक्षण
‘‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’’ मध्यप्रदेश पुलिस के सामुदायिक पुलिसिंग प्रभाग एवं लोक शिक्षण संचालनालय की एक महत्वाकांक्षी संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों में कानून, अधिकारों, कर्तव्यों, सार्वजनिक सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूकता विकसित करना है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल कानूनी जानकारी प्रदान की जाएगी, बल्कि उन्हें यह भी समझाया जाएगा कि कानून उनके दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है, पुलिस एवं अन्य संस्थाएं किस प्रकार कार्य करती हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता एवं न्याय तक कैसे पहुंचा जा सकता है।
पुलिस, विद्यालय और समाज के बीच बनेगा सशक्त सेतु
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा योजना के क्रियान्वयन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान किए जाने के उपरांत अब ‘‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’’ कार्यक्रम को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जा रहा है। नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के साथ जून 2026 से प्रदेश के चयनित विद्यालयों में प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी एवं विद्यालयों के व्याख्याता संयुक्त रूप से विद्यार्थियों के साथ लगभग ढाई घंटे के संवादात्मक सत्र आयोजित करेंगे। इन सत्रों में समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर, सहभागितापूर्ण गतिविधियों तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा एवं नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
यह पहल पुलिस, विद्यालय और समाज के मध्य एक सुदृढ़ सेतु का निर्माण करेगी तथा भविष्य के जागरूक, संवेदनशील, जिम्मेदार और कानून के प्रति सम्मान रखने वाले नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


