उज्जैन। जनपद पंचायत उज्जैन अंतर्गत ग्राम पंचायत पिंगलेश्वर में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के तहत समुदायिक प्रयासों से एक पुराने कूप का सफल जीर्णोद्धार किया गया है। यह कार्य ग्रामीणों, ग्राम पंचायत टीम, कर्मचारी स्टाफ और जागरूक गांववासियों की सामूहिक भागीदारी का उत्तम उदाहरण बन गया है।ग्राम पंचायत पिंगलेश्वर की पूरी टीम ने ऐतिहासिक और जीवन रेखा माने जाने वाले इस समुदायिक कूप (कुएं) की सफाई एवं जीर्णोद्धार का सराहनीय प्रयास किया। वर्षों से उपेक्षित पड़े इस जल-स्रोत को पुनः जीवंत करने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की दूरदर्शी योजना (जल गंगा संवर्धन अभियान 2026) को जनपद पंचायत का मार्गदर्शन, ग्राम पंचायत की पूरी टीम, समर्पित स्टाफ और गांव के आम नागरिकों का सहयोग मिल जाता है, तो इतिहास के सोए हुए जल स्रोत भी जाग उठते हैं।कार्य की मुख्य जानकारी: ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा निकाली गई गाड़/कचरा 1.5 क्विंटल (क्विंटल में) कार्य पूर्णता के साथ यह कार्य 01-05-2026 को प्रारंभ किया गया और मई 2026 में पूरा किया गया। इस कार्य की अनुमानित लागत 0.04 लाख रुपये रही।जीर्णोद्धार से प्राप्त लाभ: इस जीर्णोद्धार से कुएं की जल क्षमता में वृद्धि हुई है, गहराई बढ़ने और तल साफ होने से पानी का भंडारण क्षमता सुधरी है। भूजल स्तर में सुधार हुआ है, आस-पास के हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर बढ़ा है। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हुआ है क्योंकि सड़क से गंदे पानी के रिसाव को रोका गया, जिससे जल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। साथ ही कृषि एवं पर्यावरण को लाभ पहुंचा है, आसपास की फसलों को बेहतर सिंचाई और महिलाओं को साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।यह समुदायिक प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। ग्राम पंचायत पिंगलेश्वर के इस कार्य ने साबित कर दिया कि जल संरक्षण और स्रोतों के पुनरुत्थान में स्थानीय भागीदारी सबसे बड़ा बल है।जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के तहत ऐसे अनेक कार्य जारी हैं, जो जन-जन तक स्वच्छ जल पहुंचाने और जल-आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहे हैं।