उज्जैन।  संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह ने सिंहस्थ मेला 2028 में ग्लोबल प्रबंधन और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं जियोइन्फॉर्मेटिक्स संस्थान, गांधीनगर (गुजरात) के महानिदेशक श्री टीपी सिंह और उनके दल के साथ बैठक की। बैठक में सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत की जा रही विभिन्न योजनाओं पर विचार-विमर्श कर निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी दी गई तथा उनसे संबंधित प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने को लेकर चर्चा की गई।सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल स्थित कलेक्टर सभागार में शुक्रवार को संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं जियोइन्फॉर्मेटिक्स संस्थान के महानिदेशक श्री टीपी सिंह के साथ सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर चर्चा की। बैठक में पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म एवं जियोग्राफिकल स्पेशल तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए विचार-विमर्श हुआ।बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि एपीआई के माध्यम से सिंहस्थ मेले की संपूर्ण जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर डेटा के साथ उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाएगी। इसके माध्यम से करीब 250 किलोमीटर की परिधि में ट्रैफिक नियंत्रण के साथ ट्रेन, बस और छोटे वाहनों के रूट की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। सिंहस्थ महापर्व के दौरान पार्किंग, घाट, मेला क्षेत्र में पहुंच मार्ग, आवश्यक सूचना एवं कम्युनिकेशन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी।संभागायुक्त श्री सिंह ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को संस्थान के साथ समन्वय कर पूरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त श्री संतोष टैगोर एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री संदीप सोनी भी उपस्थित रहे।सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के अंतर्गत गूगल क्लाउड टीम द्वारा तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया गयासिंहस्थ 2028 के लिए एआई आधारित तकनीक और जियो मैपिंग व्यवस्था को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह के समक्ष गूगल क्लाउड टीम द्वारा तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया गया तथा चर्चा हुई।प्रस्तुतीकरण में सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की विशाल संख्या के प्रभावी प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, सूचना प्रसारण तथा विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ बनाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।इस दौरान जानकारी दी गई कि उन्नत तकनीकों एवं डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म की सहायता से सिंहस्थ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आवागमन के पैटर्न (मोबिलिटी पैटर्न) का रियल-टाइम विश्लेषण किया जा सकता है। इसके माध्यम से विभिन्न घाटों, मंदिरों, प्रमुख मार्गों एवं आयोजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या, उनकी आवाजाही तथा भीड़ के दबाव का पूर्वानुमान लगाकर प्रशासन समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर सकेगा।इसके अलावा मोबाइल आधारित सूचना प्रणाली, डिजिटल मैप, दिशा-निर्देश, भीड़ की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं एवं आपातकालीन संदेशों का प्रसारण किया जा सकेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा तथा प्रशासनिक प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा।संभागायुक्त श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न तकनीकी विकल्पों का विस्तृत अध्ययन किया जाए तथा उन क्षेत्रों की पहचान की जाए जहां तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं प्रशासनिक दक्षता में अधिकतम वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।