✓आरोपी ने फरियादी को बिना परीक्षा के नौकरी दिलाने का दिया था झांसा एवं 6 लाख रुपए की मांग की।

✓आरोपी ने स्वयं को भी आरक्षक पद पर होना बताया।

✓आरोपी पर पूर्व में भी 2 अपराध गैंबलिंग व आर्म्स एक्ट के तहत जिला देवास में दर्ज है एवं थाना आजादनगर इंदौर में भी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई हैं।


आरोपी का नाम- अजय पाटीदार नि.देवास म. प्र.

अपराध क्रमांक - 194/25, धारा 318(2), 319(2) बी एन एस

घटना का विवरण-
पुलिस आयुक्त कार्यालय नगरीय इंदौर में आवेदिका द्वारा आवेदन पत्र दिया जिसमें बताया कि एक व्यक्ति जिसका नाम अजय पाटीदार है जो कि स्वयं को पुलिस आरक्षक बताकर बात कर रहा था एवं ₹600000 में बिना परीक्षा दिए आरक्षक पद पर नौकरी दिलवाने की बात कर रहा था। उपरोक्त शिकायत में  पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर द्वारा त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देश दिए गए जिनके तारतम्य में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा तत्काल कार्यवाही करते अग्रिम जांच कर प्रकरण में FIR रजिस्टर कर आरोपी अजय पाटीदार नि. देवास को तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर टीम की सहायता से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी से पूछताछ में खुलासे
आदतन आरोपी अजय पाटीदार निवासी देवास 10वी कक्षा तक पढ़ा लिखा है और खेती करता है। आरोपी कई लड़कियों से फ्रेंडशिप करने के इरादे से बातचीत करता था अच्छा प्रभाव बनाए रखने के लिए स्वयं को पुलिस में आरक्षक होना बताता था, उक्त प्रकरण में भी फरियादी को इसी इरादे से मैसेज करते आरोपी को ज्ञात हुआ कि फरियादी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है  इसी का फायदा उठाकर नौकरी दिलाने का दिया था झांसा।

अग्रिम कार्यवाही -
 “आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 194/25 धारा 318(2), 319(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर, अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।”