सतना l उप संचालक कृषि ने बताया कि किसानों को अरहर, सोयाबीन, मूंग, उड़द, चना, मसूर, मक्का एवं गेहूं जैसी फसलों की बोनी करने के लिए मल्टी क्रॉप-रेज्ड बेड प्लांटर मशीन का उपयोग करना चाहिए। इस मशीन से 20 से 22 इंच चौड़ी एवं 6 इंच ऊंची क्यारियाँ बनती हैं। जो तेज हवा एवं आंधी के प्रभाव से फसलों को सुरक्षित करती हैं। उन्होने बताया कि नरवाई जलाये बिना फसल की बोनी करने के लिये किसान हैप्पी सीडर यंत्र का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि हैप्पी सीडर मशीन द्वारा एक घंटे में एक एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बोनी की जा सकती है। साथ ही फसल में पानी भी कम लगता है। खरपतवार कम होते हैं और उत्पादन भी अधिक होता है। इस यंत्र का उपयोग करने से समय और लागत दोनों की बचत होती है। उप संचालक कृषि ने बताया कि सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल मशीन किसानों को श्रम की बचत करने में सहायक है। मशीन द्वारा बीज को मिट्टी में निर्धारित गहराई पर बोया जाता है जिससे अंकुरण अधिक होता है। साथ ही उर्वरक को उचित अनुपात में पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जा सकता है। इस मशीन द्वारा कम समय में बोनी कर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कृषि यंत्र स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम की जनकारी देते हुए बताया कि इसके द्वारा फसल अवशेषों को आसानी से खेतों में फैलाकर शीघ्र खाद के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम को कंबाइन हार्वेस्टर में जोड़ा जाता है, यह यंत्र कंबाइन से काटी गई फसल के अवशेषों को छोटे-छोटे टुकड़ों में करके खेतों में बिखेर देता है।