महाराजा छत्रसाल की जयंती विरासत महोत्सव में जय छत्रसाल जय,जय,छत्रसाल के लगे जय घोष।       ( छतरपुर विशेष संवाददाता मनीष खटीक की रिपोर्ट )

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव तहसील अंतर्गत मऊसानिया में बुंदेलखंड की आन, बान और शान महान प्रतापी योद्धा महाराजा छत्रसाल के शौर्य को स्मरण करने पर नई पीढ़ी को उनकी वीरगाथा पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष मऊसहानियां में अपना प्रतिष्ठित आयोजन विरासत महोत्सव का आयोजन करता है। इस बार महाराजा छत्रसाल जी की जयंती पर 9 जून को प्रथम दिन दीप प्रज्वल करके सर्वप्रथम गणेश वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जिसमें राज्य सरकार उच्च स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे  वहीं सम्मान समारोह भी रखा गया इसके बाद महाराज छत्रसाल के बारे में वर्णन किया गया साथ ही महाराजा छत्रसाल के नियम अनुशासन पर चलने के लिए गीतों की माध्यम से लोगों को जागृत किया गया जहां पर गीत संगीतों ने लोगों का मन मोह लिया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व मंत्री भवर राजा नगर पालिका अध्यक्ष छतरपुर श्री मति ज्योति चौरसिया नगर पालिका अध्यक्ष नौगांव सहित कई गाण मान्य लोगों ने कार्यक्रम को सराहनीय कहा वही इस कार्यक्रम में विविध कलानुशासनों के माध्यम से महाराजा छत्रसाल के जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया  साथ ही बुन्देली लोकगायन से विरासत महोत्सव चार चांद लगा दिए का शंखनाद की घूँजो से शुभारंभ हुआ जिसकी प्रस्तुति कार्यक्रम को दैव्य ऊर्जा प्रदान कर रही थी एक और छतरपुर जिले की जानी-मानी लोकगायिका सुश्री अनामिका पाण्डेय दी गई आर इसके बाद खनिजदेव चौहान और उनके साथियों, ने  महाराजा छत्रसाल की वीर गाथाओं ने विरासत महोत्सव को शोर्य प्रदान किया तब भी छतरपुर बागेश्वर धाम भक्तिगायन की प्रस्तुति भी लोक प्रिय रही इसी क्रम में तीसरी एवं अंतिम प्रस्तुति महादेव लीला नाट्य की हुई, जिसका निर्देशन सुप्रसिद्ध रंगकर्मी शिरीष राजपुरोहित उज्जैन ने किया है। कार्यक्रम में सहयोगी संस्था महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान अध्यक्ष राकेश शुक्ला से बात की तो उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम लगातार कई बरसों से चला जा रहा है और हमारी संस्था के  प्रयास है कि नई युवा पीढ़ी को प्रेरित करने क्षेत्र के सभी लोगों को जागृत हो और जैसे ही महाराजा छत्रसाल अपनी राहों पर चले उसी तरह युवा और सारे देशवासी चले तो देश विश्व गुरू वा सोने को चिड़ियां पुनः हो जाए और कार्यक्रम में संस्था सचिव कमलेश अहिरवार के  द्वारा मंच पर आए सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया गया वहीं इस विरासत महोत्सव का आयोजन आयोजित जन मानुष को कई प्रेरणा केंद्र बनता दिखाई दिया |