पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर तीन माह में एसईसीएल मुहैया कराए रोजगार- मंत्री श्री जायसवाल

अनूपपुर l मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि आज के समय में रोजगार लोगों की जरूरत है, लोगों की भूमि अधिग्रहण के बदले पात्रता के अनुसार रोजगार मुहैया कराया जाना काश्तकारों के जीविकोपार्जन के लिए आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में कैंप लगाकर एसईसीएल के लंबित रोजगार प्रकरणों का निराकरण किया जाए। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रहित में पुश्तैनी भूमि जिन्होंने दिया है उन्हें प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराया जाए। यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर अधिकारी सुनिश्चित करें। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल आज एसईसीएल के भालूमाड़ा रेस्ट हाऊस में एसईसीएल प्रबंधन एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
बैठक में कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह पवार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, एसडीएम कोतमा श्री अजीत तिर्की, जिला परिवहन अधिकारी श्री सुरेन्द्र गौतम, एसईसीएल जमुना-कोतमा के महाप्रबंधक श्री एच.एस. मदान, हंसदेव क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री संजय मिश्रा, मोजर बेयर जैतहरी के प्लांट हेड श्री बसंत मिश्रा तथा थाना प्रभारी कोतमा एवं भालूमाड़ा, कालरी प्रबंधन व मोजर बेयर के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री को अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत आमाडांड में 702 हेक्टेयर भूमि 2004-05 में एमपीएलआरसी के तहत तथा कोल बेरिंग (सीबी) एक्ट के तहत 574 काष्तकारों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। एमपीएलआरसी के तहत भूमि के एवज में 870 रोजगार देने थे परंतु 610 लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया तथा 260 लोग शेष बचे हैं। इसी तरह सीबी एक्ट के तहत 557 काश्तकारों को रोजगार दिया जाना है, जिसके संबंध में सभी आवश्यक प्रक्रिया तीन माह में पूर्ण कर पात्र किसानों को रोजगार एवं मुआवजा प्रदान करने के संबंध में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने कालरी प्रबंधन के अधिकारियों को निर्देश दिए। एसईसीएल के अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि एमपीएलआरसी के तहत 54 लोगों के रोजगार के प्रकरण प्रक्रिया में है तथा 96 लोगों की भूमि दूसरे के नाम पर होने पर कोर्ट में विचाराधीन है। बैठक में बताया गया कि सात रोजगार के प्रकरण अनूपपुर जिले के बाहर के निवासियों का है, जिन्हें रोजगार देना है तथा जिसके संबंध में डीआरसी में प्रस्ताव रखा जाएगा। एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि 46 लोगों की भूमि में पारिवारिक सहमति नहीं होने के कारण रोजगार के प्रकरण लंबित है। जिस पर राज्य मंत्री ने कहा कि लंबित सभी काश्तकारों के प्रकरणों का तीन माह के अन्दर निराकरण कर भूमि स्वामियों को रोजगार मुहैया कराया जाए।
कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि रोजगार देने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए तथा व्यवस्थाओं को सुधारते हुए रोजगार प्रकरणों का निराकरण किया जाए। बैठक में एसईसीएल के अधिकारियों ने राज्य मंत्री से कहा कि ग्राम पंचायत आमाडांड, कोहका एवं मझौली आदि ग्रामों के काष्तकारों के प्रकरणों का आगामी तीन माह में प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करते हुए पात्रता अनुसार काष्तकारों को रोजगार व मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने मोजर बेयर से गढ़ी एवं हरद में फ्लाई ऐश के डम्पिंग के लिए संचालित हाईवा वाहनों से स्थानीय लोगों को हो रही असुविधा तथा दुर्घटना के संबंध में बैठक में उपस्थित मोजर बेयर एवं एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारियों को सुरक्षित परिवहन के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग से मोजर बेयर के फ्लाई ऐश का परिवहन किया जा रहा है, उस मार्ग पर सुरक्षात्मक पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने आवश्यक स्थानों पर सीसीटीव्ही तथा सुरक्षा गार्ड लगाकर आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवा वाहनों पर शासन से जारी प्रावधान के अनुसार लोडिंग हाइट का पालन कराने तथा स्पीड ब्रेक प्वाइंट बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने गोविंदा कालरी सड़क के चौड़ीकरण तथा झिरियाटोला से पेन्ड्रा रोड पर भारी वाहनों का परिवहन नियंत्रण कर जनसुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए, जिससे किसी तरह की दुर्घटना न हो सके।
कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ ने बैठक में एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारियों को एसईसीएल के लिए अधिग्रहीत भूमि के बदले काश्तकारों को रोजगार के लिए समस्त दस्तावेजों की पूर्ति समय-सीमा में करके आगामी तीन माह में लंबित सभी भूमि प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन के मार्गों में सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने तथा आम जन को परिवहन से किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े इस बात का ध्यान रखने के निर्देश दिए।