29वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित

टीकमगढ़ l प्रोफेसर कार्यालय निदेशालय विस्तार सेवायें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर डॉ. टी.आर. शर्मा के मुख्य आत्थ्यि में कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ में बुधवार को 29वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डॉ. बी.एस. किरार ने एक वर्ष में किए गए कृषि विस्तार गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में प्रत्येक वैज्ञानिक के द्वारा विषयवार खरीफ एवं रबी में कृषकों के खेतों पर प्रक्षेत्र परीक्षण, प्रदर्शन, प्रशिक्षण, कृषक दिवस एवं अन्य गतिविधियों के बारे में विस्तृत रूप से प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही केंद्र पर स्थापित प्रदर्शन इकाइयों के बारे में बताया गया एवं अवलोकन कराया गया। केंद्र के सभी वैज्ञानिकों ने विगत वर्ष किये गए कार्यों एवं खरीफ 2024 में किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। डॉ. टी.आर. शर्मा ने बैठक में फसल विविधिकरण के अंतर्गत बाजरा व ज्वार पर प्रक्षेत्र परीक्षण और प्राकृतिक खेती के अंतर्गत फसल पद्धति अनुसार प्रदर्शन क्रियान्वित और चयनित निकरा गांव में पशुओं एवं बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जाने की सलाह दी और बताया कि उड़द की फसल पर प्रक्षेत्र परीक्षण अंतर्गत अलग-अलग दिनांक में बुवाई कार्य करें, जिससे सितंबर में मध्य में होने वाली बारिश से फसल को बचा लिया जाए। सीड हब अंतर्गत मसूर फसल को भी उत्पादन के अंतर्गत किया जाए क्योंकि भारत सरकार का प्रमुख ध्यान दलहन, तिलहन एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। डॉ. डी.एस. तोमर ने अपने उद्बोधन के दौरान बताया कि फसल संग्राहलय में नयी एवं रोगरोधी 4-5 किस्मों को प्रदर्शन में लगाए और बैठक में प्रगतिशील कृषकों की संख्या को बढ़ाया जाये।
बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को केंद्र के वैज्ञानिकों के साथ संयुक्त रूप से कृषि विस्तार गतिविधियों के क्रियान्वयन पर जोर दिया। रावे छात्र, वैज्ञानिक व किसानों से अधिक से अधिक सीखने का प्रयास करें। बैठक में बीज उत्पादक सहकारी समिति एवं स्व-सहायता समूह के सदस्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की गई एवं वैज्ञानिकों द्वारा मूल्य सवर्धन प्रशिक्षण कराए जाने का सुझाव दिया गया। मुख्य अतिथि डॉ. टी.आर. शर्मा, डॉ. डी.एस. तोमर एवं डॉ. बी.एस. किरार द्वारा निकरा परियोजना अंतर्गत 10 आदिवासी किसानों को मुर्गीपालन हेतु लोहे के पिंजरे प्रदाय किए गए, जिससे छोटे किसान मुर्गीपालन से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
इस अवसर पर बैठक में अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय टीकमगढ़ डॉ. डी.एस. तोमर, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. किरार एवं प्रमुख, श्रीमती नीलम प्रधान किसान कल्याण एवं कृषि विकास, कौशलेंद्र सिंह चौहान आत्मा परियोजना, डॉ. आर.के. जैन उपसंचालक पशु चिकित्सा, ओ.पी. मालवीय उद्यान विभाग, खालिद अली नाबार्ड बैंक, आर.के. बिदुआ नेहरू युवा केंद्र, वी.एस. पटेल जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, रमेश जैन म.प्र. आजीविका मिशन, दिलेश्वर बल्देवार कृषि अभियांत्रिकी, अनिल सक्सेना म.प्र. राज्य बीज प्रक्रिया केंद्र, कृषक उत्पादक संगठन, बीज उत्पादक संस्था, स्वसहायता समूह के सदस्य एवं प्रगतिशील किसान - धनेंद्र यादव, शिवकुमार नायक, राकेश जैन, राजेंद्र अहिरवार, रिहाना खान, शबनम खान एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. एम.के. नायक, डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. शीला रघुवंशी, डॉ. एस.के. खरे, डॉ. के.सी. शुक्ला, डॉ. पी. सिकरवार, डॉ. रूद्र सेन रैकवार, डॉ. वी.एस. बघेल, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आर.के. प्रजापति, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. यू.एस. धाकड़, डॉ. एस.के. जाटव, डॉ. आई.डी. सिंह, हसनाथ खान, जयपाल छिगारहा एवं सुदीप रावत, आदि ने भाग लिया।