निजी क्षेत्र में कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने के लिए आवेदन 14 अगस्त तक

रीवा l खेती को आधुनिक बनाने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं से कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत शासकीय क्षेत्रों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसमें ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीडड्रिल सहित विभिन्न आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध रहेंगे। किसान निर्धारित राशि देकर इनका उपयोग कर सकेंगे। निजी क्षेत्र में कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने के लिए 14 अगस्त 2024 तक ऑनलाइन आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। इसके आवेदन पत्र कृषि अभियांत्रिकी विभाग के पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट सीएचसी डॉट एमपी डीएजीई डॉट ओआरजी पर उपलब्ध हैं। पूरे प्रदेश में एक हजार कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जा रहे हैं। इसमें अनुसूचित जनजाति के लिए 173, अनुसूचित जाति के लिए 161, सामान्य वर्ग के लिए 572, आजीविका मिशन के कृषक समूहों के लिए 52 तथा अन्य एफपीओ के लिए 52 सेंटरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आवेदन के साथ 10 हजार रुपए के बैंक ड्राफ्ट की स्केन कॉपी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। अभिलेखों के सत्यापन के समय इसे प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। अभिलेखों का सत्यापन जिला स्तर पर 20 और 21 अगस्त को उप संचालक कृषि कार्यालय पर किया जाएगा। कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को कृषि यंत्रों की खरीद में 40 प्रतिशत तक अथवा अधिकतम 10 लाख रुपए अनुदान दिया जाएगा। इसके हितग्राही को भारत सरकार के एग्रीकल्चर इन्फ्रा स्ट्रक्चर फण्ड से भी लाभ की पात्रता होगी। एक आवेदक केवल एक जिले के लिए ही आवेदन कर सकेगा।