केन-बेतवा लिंक परियोजना का थर्ड फेस, पूरा बुंदेलखण्ड सिंचित होगा-राज्यमंत्री श्री पटैल

दमोह l प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है दमोह जिले के लिए व्यारमा नदी पर डैम ऐसी बड़ी सौगात है, जिससे दमोह जिले के एक-एक खेत के एक-एक इंच में पानी पहुंचाने का काम होगा। व्यारमा नदी पर पटेरा विकासखंड में लगभग रेलवे लाइन के कुछ किलोमीटर ऊपर यह डैम बनाया जाना प्रस्तावित है, उस डैम का प्रपोजल तैयार हो गया है, जो लगभग 14 हजार करोड़ का होगा। यह केन-बेतवा लिंक परियोजना का थर्ड फेस है, केन-बेतवा लिंक परियोजना से पूरा बुंदेलखंड चाहे वह उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड हो, चाहे मध्य प्रदेश का बुंदेलखंड हो पूरा सिंचित होगा। उस परियोजना से हमारे दमोह के कुछ हिस्से बच रहे थे, उस हिस्से को सिंचित करने के लिए मुख्यमंत्री जी से कहा था यदि यह तीसरे फेस में हो जाए तो दमोह के लिए बहुत बड़ा काम होगा।
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बात को सहजता से मानते हुए पूरा किया है, पूर्व में जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल जी थे उन्होंने भी इसमें अपना योगदान दिया था, श्री जयंत मलैया जी वित्तमंत्री और सिंचाई मंत्री रहे हैं, इन सभी के प्रयास पूर्व से रहे।
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने जबेरा में मंच से घोषणा की है इसको शीघ्र अतिशीघ्र शुरू किया जाये, ताकि दमोह जिले के लोगों को फायदा हो सके। राज्यमंत्री श्री पटेल ने किसान बंधुओं की ओर से और दमोह जिले के निवासियों की ओर से मुख्यमंत्री जी का दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा इससे सिर्फ सिंचाई नहीं होगी, सिंचाई के साथ पीने का पानी और वाटर लेवल इतना ऊपर हो जाएगा की आज जो दमोह में 600 से 700 फीट पर पानी निकल रहा है, डैम के बनने से चारों तरफ 50 से 70 फिट में वाटर लेवल 2 से 3 साल के अंदर इतना वाटर लेवल हो जाएगा।
प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा मैंने मुख्यमंत्री जी से मांग रखी थी कि हमारी व्यारमा नदी पर सिंचाई के लिये एक डैम बनाया जाए, जिसमें लगभग चार लाख हेक्टेयर की सिंचाई होगी, चार लाख हेक्टेयर यानी दमोह की पूरी सिंचाई हो जाएगी। हमने पांच परियोजना मलैया जी के नेतृत्व में पहले भी बनाई है, उससे लगभग 4 लाख हेक्टेयर हमारे जिले की बची हुई जमीन है, एक-एक खेत में पानी पहुंचेगा।
उन्होंने कहा जिले मे पहले मात्र 03 प्रतिशत सिंचाई थी। सरकार आने के बाद आज लगभग 50 प्रतिशत है, जब कंप्लीट हो जाएगी तब 67 प्रतिशत होगी। यह योजना जब पूरी हो जाएगी उसी दिन 100 प्रतिशत सिंचाई एक-एक खेत पर पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कभी हमारे यहां मूंग नहीं हुई है, अभी इतनी मूंग हो रही है, उसका कारण सिर्फ यही है कि डैम बन गए हैं उनसे पानी छोड़ रहे हैं, अब किसान मूंग लगा रहे हैं।