मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रशिक्षण संपन्न

मंडला l रबी फसल 2024-25 की तैयारी के लिए कृषि विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में किसानों को मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उपसंचालक कृषि के निर्देशानुसार मृदा स्वास्थ एवं फर्टिलिटी योजनांर्गत 24 सितंबर 2024 को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नैनपुर एवं बीजाडांडी के द्वारा कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया। कृषकों को सॉइल हेल्थ कार्ड की महत्ता की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी और असंतुलन की पहचान करने में सॉइल हेल्थ कार्ड रिपोर्ट किसानों के लिए आवश्यक है। प्रशिक्षण में कृषकों को मृदा परीक्षण कार्ड के आधार पर जिन पोषक तत्वों की कमी मृदा में पाई गई उसकी पूर्ति हेतु उर्वरक का सही मात्रा में उपयोग किये जाने की पूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि जिन पोषक तत्व की मात्रा पर्याप्त है उसे संतुलित मात्रा में ही उपयोग किया जावे। किसान अनावश्यक उर्वरकों का उपयोग न करें। जिले में मृदा परीक्षण रिपोर्ट कार्ड के आधार पर सूक्ष्म पोषक तत्व में जिंक की कमी पाई गई है। जिसकी पूर्ति हेतु जिंक युक्त उर्वरक जैसे - जिंक ईडीटीए, जिंक सल्फेट, जिंकेटेड एसएसपी आदि उर्वरकों का उपयोग निर्धारित मात्रा में किया जाना अवश्यक है तथा जिंक उर्वरक की 25 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर के मान से पूर्ति की जा सकती है। प्रशिक्षण में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी और किसान उपस्थित थे।