श्री अन्न था कभी गरीबों का भोजन आज अमीरों का भोजन बना

बालाघाट l राज्य मिलेट मिशन को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को कृषि विभाग द्वारा गर्रा में मिलेट्स आधारित कृषक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कृषि उप संचालक श्री राजेश कुमार खोबरागड़े ने बताया कि प्रशिक्षण में श्री अन्न (मिलेट्स) फसलों के महत्व एवं इन फसलों के क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए कृषकों को मिलेट्स फसलों की उपयोगिता की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में श्री खोबरागड़े ने श्री अन्न (मिलेट्स) फसलों जैसे-कोदो, कुटकी, ज्वार, बाजरा, रागी, सावा के बारे में बताया गया। मिलेट्स फसले धान गेहॅू की तुलना में पोषक तत्वों से भरपुर है। इसमें फाइबर की मात्रा अन्य अनाजों से अधिक होती है। मिलेट्स फसले जो पहले गरीबों का अनाज कहलाती थी। आज ये अमीरों की दवा बन चुकी है। वर्तमान समय में कई प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए डाक्टर मिलेट्स फसलों के उपयोग की सलाह देते है। साथ ही रबी मौसम में रागी (मड़ीया) फसल जो कि धान की खेती वाले क्षेत्रों में आसानी से उगाई जा सकती है।इसकी खेती अधिक से अधिक किसानों द्वारा करने की सलाह दी गई।प्रशिक्षण में नेशनल मिशन आंन एग्रीकल्चर (नमसा) योजना अंतर्गत गर्रा के 50 कृषकों को सोलर लाईट ट्रेप का वितरण किया गया। कृषकों को श्री खोबरागड़े द्वारा बताया गया कि इसके माध्यम से बिना किसी किटनाशक दवाओं का उपयोग कर फसलों का कीटों से बचाव किया जा सकता है। इस यंत्र में सोलर पेड लगा होता है, जिससे सुर्य की रोशनी में बेटरी चार्ज हो जाती है और रात्रि में अल्ट्रा वाइलेट लाइट ऑटोमेटिक चालू हो जाता है। जो कीटो को अपनी ओर आकर्षित करता है। और कीट बैग में एकत्रित हो जाते है, जिन्हें नष्ट कर कीटो से फसलों का बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा सेवा सहकारी समिति के पदाधिकारियों द्वारा भी विभागीय जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी वारासिवनी प्रतिभा टेम्भरे, कृषि विस्तार अधिकारी धमेन्द्र भिवगढ़े, विकास चौधरी, अनिता पारधी एवं सेवा सहकारी समिति गर्रा के पदाधिकारी, अधिकारी/कर्मचारी एवं कृषक उपस्थित हुये।