कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ द्वारा स्वच्छता ही सेवा स्वाभाव स्वच्छता एवं संस्कार स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस दौरान मेगा सफाई अभियान, स्वच्छता की शपथ लेना, स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता हेतु दौड़ प्रतियोगिता, मानव श्रृंखला, कृषि कॉलोनी एवं गणेशगंज में रैली निकालना, गंदे स्थान की सफाई, स्वच्छता पर छात्रों द्वारा निबंध प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी आदि विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
उल्लेखनीय है कि प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.एस. किरार, वैज्ञानिक डॉ. आर.के. प्रजापति, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. यू.एस. धाकड़, डॉ. एस.के. जाटव, डॉ. आई.डी. सिंह, हसनाथ खान, जयपाल छिगारहा, मनोहर चढ़ार, कृषि स्नातक रावे छात्र एवं कृषकों की सहभागिता से कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
स्वच्छता पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं प्रेरित किया जा रहा है और इन कार्यक्रमों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि गंदगी से घर, मोहल्ला एवं गांव में बीमारियां पनपती है जिससे हमारा इलाज पर काफी पैसा खर्च होता है और गांव/मोहल्ला की सुंदरता खत्म होती है। हम स्वच्छता के प्रति अपना स्वभाव और संस्कार में सकारात्मक परिवर्तन लाएं और वही संस्कार बच्चों को सिखाएं। घरों के कचरा को एक निश्चित स्थान पर डालें और प्लास्टिक की थैली और कांच की सामग्री को अलग-अलग स्थान पर डालें। पौधों की पत्तियों और घास को जलाने की बजाय घूरे में डालकर एवं सड़ाकर कंपोस्ट खाद बनाएं। हैंडपंप और कुएं के आसपास साफ सुथरा रखें जिससे मच्छर न पनपे और परिवार के लोगों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं वायरल बुखार आदि बीमारियों से बचाया जा सके। स्वच्छता की शपथ के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को सप्ताह में 2 घंटे श्रमदान करना चाहिए और मनुष्यों को स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए काम करना चाहिए। गांव व शहर में स्वच्छता के प्रति प्रत्येक परिवार/व्यक्ति में सकारात्मक सोच-विचार में परिवर्तन लाने का प्रयास जारी रखना चाहिए।