शाजापुर l किसान कल्याण तथा कृषि विकास उप संचालक श्री केएस यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा 12 सितंबर 2024 को प्रकाशित भारत का राजपत्र में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 में चौथा संशोधन किया है। जिसके भाग-क में "जैव प्रेरक के विनिर्देश अनुसार ह्यूमिक एसिड 05 प्रतिशत पाउडर और पोटेशियम ह्यूमिक 49 प्रतिशत पाउडरहयूमेट और फुल्वेट 22 प्रतिशत तरलहयूमेट 12.5 प्रतिशत तरलह्यूमिक एसिड 51 प्रतिशत कृणकारसमुद्रि शैवाल अर्क जिसमें एस्कोफिलम नोडोसम 15 प्रतिशत तरलसार्गासम टेनेरिमुम 02 प्रतिशत कृणकारकप्पाफाइकस अल्वारेजी 24 प्रतिशत तरलसारगैसम टेनेरिमम 10 प्रतिशत तरलवनस्पति अर्क में अधातोड़ा वॅसिका (पाउडर)बायोस्टिमुलेट्स के मिश्रित फॉर्मूलेशन में हयूमिक एसिडएमिनो एसिडविटामिन और बायोकेमिकल्स (पाउडर) को विक्रय करने के लिए कृषि विभाग से उर्वरक प्राधिकार पत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा।

       उप संचालक श्री यादव ने बताया कि यदि कोई भी विक्रेता बगैर उर्वरक लायसेंस के उक्त जैव प्रेरक उर्वरको का भण्डारण/विक्रय करता है तो ऐसे उर्वरक विक्रेताओं के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्यवाही की जायेगी तथा ऐसे उर्वरक विक्रेता जिनके पास उर्वरक प्राधिकार पत्र उपलब्ध है ओर वह उक्त उर्वरको का विक्रय करना चाहता हैतो अपने प्राधिकार पत्र में  फार्म अवश्य जुड़वायेसाथ ही पौध संरक्षण औषधि विक्रेता भी बगैर उर्वरक लायसेंस के उक्त उर्वरको का विक्रय / भण्डारण नहीं करें।