भोपाल l कीर्तन महोत्सव के दूसरे दिन कर्म, ज्ञान और योग मार्ग को विस्तार से बताते हुए कीर्तन कार डॉ अवंतिका टोले ने भक्ति मार्ग को सर्वोत्तम बताया, आपने कहा कि कर्म, ज्ञान और योग मार्ग में जहां मैं का प्रभुत्व है, वही भक्ति मार्ग में भक्त ईश्वर को ही सर्वस्व समर्पण कर देता है।उसका  कर्ता भाव समाप्त हो जाता है, इसलिये सभी संतों ने भक्ति मार्ग को कलियुग में सर्वश्रेष्ठ कहा है।
कीर्तन कार ने कीर्तन के उत्त रंग में कल जहां संत जना बाइ की भक्ति का वर्णन किया, वही आज प्रसिद्ध संत मीराबाई की भक्ति का वर्णन किया। कल कीर्तन महोत्सव का अंतिम दिन है।
कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रोताओं ने भाग लिया।