सागर l मध्यप्रदेश में सिंचित जमीन और पानी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में सरकार की कोशिश किसानों को फल का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करने की है। मध्यप्रदेश में नंदन फलोद्यान योजना के तहत, पात्र किसानों की निजी ज़मीन पर उद्यानिकी फलदार पौधों का फ़लोद्यान विकसित किया जाता है।
आज बात कर रहे है ग्राम पंचायत नयानगर के निवासी श्री जगतसिंह की। जगतसींग बताते है कि पूर्व में उनके खेत पर कुछ ही फलदार वृक्ष थे। फिर उनके  मन में विचार आया कि उनके खेत में भी वहुत से फलदार वृक्ष हों और वे भी अपनी आमदनी बढ़ा सके। परन्तु उसके पास फलदार वृ़क्षों को खरीदने की लागत नहीं थी। तब उन्हें ग्राम पंचायत के द्वारा मध्यप्रदेश सरकार की नंदन फलोद्यान योजना के बारे में पता चला।  योजना के तहत फलदार वृक्षों की खेती करने के लिए राशि स्वीकृत की जाती है। तब जगतसींग ने अपने ग्राम पंचायत में आवेदन किया।

हितग्राही श्री जगतसिंह की आजीविका की समस्या को देखते हुये नंदन फलोद्यान योजना के तहत उन्हें 1.67 लाख की राशि स्वीकृत की गई। जिससे जगतसिंह के द्वारा 1 एकड़ भूमि पर 50 अमरूद, 10 नीबू, 30 आम एवं 10 आंवलों के पौघौं का रोपण किया गया। उक्त कार्य के लिए योजना की राशि का उपयोग लिया गया है। जगतसिंह द्वारा उक्त पौधों की विधिवत देखभाल की गई जिससे पौधे आज वृक्ष के रूप में उन्हे फल देने लगे है, और आज उनका खेत ने फलों के बागान का रूप ले लिया है। जिससे उनकी आय के स्त्रोत निर्मित होने लगे। उक्त कार्य होने से हितग्राही पूर्ण रूप से संतुष्ट एवं खुश है।