छिंदवाडा़ ।  विकासखंड तामिया में कृषि विज्ञान केंद्र देलाखारी में आज एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मसाले की खेती करने एवं मसाले की खेती के बारे में किसानों में जागरूकता लाने के लिए कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में कैसे मसाले की खेती की जाए एवं इसकी सम्भावनाओं के विषय में चर्चा करने एवं किसानों को मार्गदर्शन देने के लिए और मसाले की खेती करके कैसे अपनी आय बढ़ा सकते है। इस विषय में किसानों से संवाद करने एवं प्रशिक्षण प्रदाय करने के लिये कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ.एस.आर.धुवारे के मार्गदर्शन में स्पाइस बोर्ड छिन्दवाड़ा के समन्वय द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

     प्रशिक्षण कार्यशाला में स्पाइस बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ.बी.आर.गुडाडे द्वारा बताया गया कि मसाला वर्गीय फसलों में काली मिर्च, छोटी इलाइची, तेजपान पत्ता, लोंग की खेती करके कृषक अधिक से अधिक लाभ कमा सकते हैं। यदि इसे उन्नत तरीके से किया जाये तो इससे अधिक से अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। चूंकि मसाला वर्गीय फसलों की कीमतें अधिक होने के कारण प्रति यूनिट क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र देलाखारी के वैज्ञानिक डॉ.धुवारे द्वारा मसाला खेती के उत्पादन के लिये वैज्ञनिक पद्धति अपनाकर पहाड़ी क्षेत्रों में भी मसाले की खेती सरलतापूर्वक करने की सलाह दी एवं छायादार भूमि का चयन करके हल्दी एवं ऊंचाई वाले वृक्षों के निकट कालीमिर्च को आसानी से उगाने की पद्धति को समझाया। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ.एस.के.अहिरवार द्वारा प्राकृतिक खेती द्वारा समूह के माध्यम से खेती करके मसाले वाली फसलों के उत्पादन को अधिकतम मूल्य पर विक्रय करके आय को दो गुना करने पर जोर दिया है।

      उप संचालक उद्यानिकी श्री एम.एल.उइके द्वारा विभाग के माध्यम से संचालित मसाला उत्पादन से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्रदाय की। मसाला बोर्ड गुना के श्री आशीष जायसवाल द्वारा मसाला उत्पादन पर तकनीकी सलाह प्रस्तुत की गई एवं अनुविभागीय अधिकारी श्री प्रमोद सिंग उट्टी द्वारा कृषकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में विकासखण्ड तामिया के भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक श्री अवधेष यदुवंशी द्वारा मसाला खेती एवं प्रसंस्करण के लिये कृषक बैंक से वित्तीय लाभ किस प्रकार से प्राप्त कर सकते है, जिसकी विस्तृत जानकारी प्रदाय की गई। भारतीय स्टेट बैंक छिंदवाड़ा श्री प्रीतेश मंदगावकार ने कृषकों को वित्तीय सहायता की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में देलाखारी के उन्नतशील कृषक श्री वीरेंद्र राय एवं जितेन्द्र शाह उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री अमित बघेल, तामिया फार्मर्स फेड प्रोड्यूसर कंपनी की विशेष भूमिका रही। श्री सुन्दरलाल नागवंशी, श्री बलवीर चन्द्रवंशी, श्री गगन, श्री लखन ब्रम्हवंशी सहित अन्य कृषक एवं उद्यानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में केन्द्र के श्री रविशंकर विश्वकर्मा का विशेष योगदान रहा। इस कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच संचालन एवं आभार केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ.एस.के.अहिरवार द्वारा किया गया।