कृषि विज्ञान केंद्र में पी.एम. किसान उत्सव दिवस आयोजित

टीकमगढ l कृषि विज्ञान केन्द्र टीकमगढ़ में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. किरार के मार्गदर्शन एवं नोडल अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह के नेतृत्व में आज पी.एम. किसान उत्सव दिवस का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वाईगौळ, महाराष्ट्र से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से किसानों को वितरित की गयी। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ऑनलाइन द्वारा किसानों को दिखाया एवं सुनाया गया। इसके साथ ही कलेक्ट्रे कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष से अपर कलेक्टर श्री पीएस चौहान, एसएलआर सहित संबंधित अधिकारियों एवं किसानों द्वारा देशव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा व सुना गया।
कृषि विज्ञान केन्द्र टीकमगढ़ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री शिवमोहन गिरी और विशिष्ट अतिथि उपसंचालक कृषि श्री अशोक शर्मा रहे। कार्यक्रम में शिवमोहन गिरी द्वारा अपने उद्बोधन में किसानों से उन्नत तकनीक अपनाकर अपनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने और प्राकृतिक खेती कर लागत कम करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किसानों को समय पर कृषि में आवश्यक सामग्री खरीद कर उन्नत खेती को दृष्टिगत रखते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई। माननीय प्रधानमंत्री जी का किसानों से आवाहन है कि भारत को तिलहन और दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। तिलहन और दलहन से किसानों को ज्यादा आमदनी होगी, फसलों का उत्पादन बढ़ने से आर्थिक स्तर में सुधार होगा। वर्तमान समय की मांग है कि किसान एकीकृत कृषि पद्धति के अंतर्गत खाद्य, दलहन, तिलहन, सब्जीत्पादन, फलोत्पादन के साथ दुग्धोत्पादन, बकरी पालन, मुर्गीपालन, मधुमक्खी पालन आदि कृषि आधारित व्यवसायों पर भी ध्यान दें, जिससे परिवार को सालभर रोजगार और आमदनी होती रहेगी।
तत्पश्चात उपसंचालक कृषि श्री अशोक शर्मा द्वारा किसानों को शासन की किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी। शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए पी.एम. किसान पोर्टल पर अपना पंजीयन करायें और आवश्यकतानुसार उन्नत किस्म का बीच एवं उर्वरक एन.पी.के. (12रू32रू16) की व्यवस्था करके रखें।
इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. आर. के. प्रजापति, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. आई. डी. सिंह, जयपाल छिगारहा द्वारा रबी फसलों की विपुल उत्पादन हेतु उन्नत तकनीक पर विस्तृत जानकारी दी गयी। साथ ही किसानों को फसलों एवं सब्जीत्पादन सम्बन्धी सवालों का जवाब दिया गया। कार्यक्रम में 68 कृषक एवं छात्र उपस्थित रहे।