चारे, घास, भूसा, कड़वी (ज्वार के डंठल), पैरा (धान के डंठल) के निर्यात पर प्रतिबंध

सागर जिले से भूसे का परिवहन होने से मवेशियों को खाने का संकट आ रहा है, भूसा 800 रूपये प्रति क्विंटल बेचा जा रहा है जबकि नया भूसा माह फरवरी में आना प्रारंभ होगा, ऐसी स्थिति में भूसे की कमी के साथ आगामी माहों में और अधिक वृद्धि होने की संभावना को देखते हुये पशु चारा एवं भूसा की कमी की आशंका को दृष्टिगत रखते हुये पशुओं को पर्याप्त मात्रा में चारा भूसा की आपूर्ति बनाये रखने हेतु सभी प्रकार के चारे, घास, भूसा, कड़वी (ज्वार के डंठल) पैरा (धान के डंठल) आदि को जिला दमोह के बाहर सीमावर्ती जिलों में निर्यात पर जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने तत्काल प्रभाव से 28 फरवरी 2025 तक प्रतिबंधित लगाया है।
जारी आदेश में कहा गया है कोई भी कृषक, व्यापारी, निर्यातक व्यक्ति किसी भी प्रकार से प्रतिबंधित पशु चारा एवं भूसा का परिवहन किसी वाहन, नाव, मोटर, रेल या किसी भी यान द्वारा दमोह जिले के बाहर अन्य जिले में संबंधित क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अनुज्ञा के बिना निर्यात नहीं करेगा। आदेश के क्रियान्वयन हेतु असाधारण राजपत्र 30 नवम्बर 2000 में प्रकाशित मध्यप्रदेश चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश, 2000 की कंडिका-05(1) में वर्णित प्रावधान अनुसार अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से संबंधित तहसील क्षेत्र के नायब तहसीलदार एवं संबंधित थाना क्षेत्र के सहायक उप-निरीक्षक को नियुक्त किया गया है ।
उन्होंने कहा है संबंधित अधिकारी निर्धारित बिन्दुओं पर जांच करेगें तथा आदेश के उल्लंघन से संबंधित प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत करेगें। किसी नाव, मोटर या किसी अन्य यान या पात्र, जो पशु चारे के निर्यात के लिये उपयोग में लाया गया हो या उपयोग में लाए जाने के लिये समर्थ हो को रोक सकेगा तथा तलाशी ले सकेगा या रोकने और तलाशी लेने के लिये किसी व्यक्ति को प्राधिकृत कर सकेगा, किसी स्थान में प्रवेश कर सकेगा, और तलाशी ले सकेगा तथा किसी व्यक्ति को प्रवेश करने और तलाशी लेने के लिये प्राधिकृत कर सकेगा।
जारी आदेशानुसार किसी ऐसी वस्तु जिसके संबंध में उसे यह विश्वास करने का कारण हो, कि इस आदेश के किसी उपबंध का उल्लंघन किया गया है, या किया जा रहा है, या किया जाने वाला है, पैकेजों, आवरणों, या पात्रों जिनमें कि ऐसी वस्तु पाई जाये अथवा ऐसी वस्तुओं को ले जाने के लिये उपयोग से लाये जा रहे पशुओं, यानो, जल यानों, नावों या वाहनों के साथ अधिगृहीत कर सकेगा, या अधिग्रहण को प्राधिकृत कर सकेगा और तत्पश्चात् समस्त ऐसे उपाय कर सकेगा या करा सकेगा, जो कि इस प्रकार अधिग्रहीत पैकेजों अवरोधों गायों, पशुओं, यानों, जलयानों, नावों या वाहनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना सुनिश्चित करने के लिये और इस प्रकार पेश किये जाने तक उनकी सुरक्षित अभिरक्षा के लिये आवश्यक हो।
उन्होंने कहा प्रवेश करने और तलाशी लेने की शक्तियों के प्रयोग करने में प्रवेश किये जाने और तलाशी लिये जाने वाले परिसरों के अधिभोगियों की सामाजिक तथा धार्मिक रूडियों का सम्यक् ध्यान रखा जाये। तलाशी तथा अधिग्रहण से संबंधित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 103 के उपबंध जहां तक हो सके इस खण्ड के अधीन तलाशी और अधिग्रहण को लागू होगें।