टीकमगढ़ l आगामी दिनों के दौरान मौसम शुष्क रहने तथा उसके बाद कुछ स्थानों पर गरज के साथ वर्षा होने और आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 32 डि.से. के मध्य रहने तथा रात का न्यूनतम तापमान 18 से 20 डि.से. के मध्य रहने की संभावना है। हवा की औसत गति 2 से 3 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना हैं।
आगामी दिनों के दौरान मौसम शुष्क रहने तथा उसके बाद कुछ स्थानों पर गरज के साथ वर्षा होने की संभावना को देखते हुए किसान भाई फल एवं सब्जी फसलों में सिंचाई करें तथा निराई-गुडाई का कार्य भी करें। साथ ही साथ फसलों में कीट-ब्याधियों की निगरानी करते रहें। सीमित सिंचाई क्षेत्रों में किसान भाई चना, सरसों तथा चना, अलसी की अंतर्वर्ती फसलों के रूप में बोनी करें। सरसों की उन्नत किस्मों आदि की बुवाई का कार्य करें तथा बीज 5 किग्रा/हेक्टेयर की दर से बुवाई करें। एनरूपीरूके और एस (सल्फर) उर्वरकों का प्रयोग 80ः40ः20ः20 प्रति हेक्टेयर की दर से करें और बुवाई से पहले बीज को कीटनाशक (इमिडाक्लोप्रिड) और कवकनाशी मेटालैक्सिल (31.8) 6.0 ग्राम/ किग्रा से भी उपचारित करें।
किसान भाई आलू की अगेती किस्में- कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी अशोक, कुफरी जवाहर, कुफरी पुखराज आदि की व्यवस्था करें और बुवाई से पहले 200 ग्राम प्रति क्विंटल बीज की दर से कार्बाेक्सिन $ थीरम से बीज उपचार करें और छाया में सुखाएं और फिर बुवाई का काम करें।किसान भाई तैयार खेतों में अगेती मटर (सब्जी हेतु) की उन्नत किस्में- आर्किल, वी.एल.-7, अलास्का, जवाहर मटर-3 तथा जवाहर मटर-4 आदि की बुआई करें तथा बीज को कवकनाशी केप्टान या थायरम / 2 ग्रा. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से मिलाकर उपचार करें उसके बाद राईजोबियम का टीका अवश्य लगायें।
आगामी दिनों के दौरान शुष्क मौसम की स्थिति को देखते हुए और उसके बाद कुछ स्थानों पर गरज के साथ वर्षा होने की संभावना को देखते हुए, किसान भाई धनियां तथा लहसुन की बोबाई शुरू करें तथा पतवार अवश्य बिछायें जिससे कि जमाव शीघ्र हो। नींबू वर्गीय पौधों तथा अनार में फलों को फटने से बचाने के लिए फलों के पेड़ों पर 15 लीटर पानी में 7-8 ग्राम बोरॉन दवा मिलाकर छिड़काव करें तथा प्रत्येक पौधे के थाले में 50 ग्राम चूना भी डालें।दिन में तेज धुप तथा प्रातः कालीन शीत को ध्यान में रखते हुए, किसान भाई पशुओं के बच्चों को इससे बचायें अन्यथा इन्हें निमोनिया हो सकता है। दिन व रात के तापमान में ज्यादा अंतर होने के कारण किसान भाई मुर्गियों को इनके दाने में ऊर्जा तथा विटामिन की मात्रा बढ़ायें साथ ही साथ कैल्शियम भी मिलाकर दें तथा इनके पीने के पानी में 0.25 प्रतिशत नमक का मिश्रण मिलायें।