चने की बुवाई ब्रोड बेड फरो या रिज फरो विधि से या नारीहल से करें

उमरिया - वर्तमान समय एवं परिस्थिति को देखते हुए उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग उमरिया द्वारा बताया गया कि किसान भाई अपने चना की फसल की बुवाई हेतु खेत की तैयारी करे, भारी मिट्टी में खेत ढेलेदार रखे। जिससे वायु संचार बना रहे। बीजोपचार हेतु 2 ग्राम थायरम $ 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम के मिश्रण से प्रति किलोग्राम बीज या कार्बाेक्सिन (वीटावेक्स) 2 ग्राम/किलोग्राम से उपचारित करें। इसके उपरांत राइजोबियम एवं पी.एस.बी. कल्चर प्रत्येक की 5 ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें। जिन खेतों में उकटा रोग की समस्या अधिक रहती है उन खेतों में चने की बुवाई न करें। सिंचित दशा में अक्टूबर के द्वितीय पखवाडे से नवंबर के प्रथम पखवाडे में बुवाई करें। असिंचित दशा में नमी की उपलब्धता के आधार पर खरीफ फसल कटने के उपरांत चने की बोनी अक्टूबर माह में करनी चाहिए। चने की बुवाई ब्रोड बेड फरो या रिज फरो विधि से या नारीहल से करें जिससे नमी संरक्षित रहेगी तथा उपज में वृद्धि होगी।