खाद वितरण में अनियमिता पाई जाने पर कार्यवाही की जायेगी

देवास l सोयाबीन उपार्जन एवं खाद वितरण के संबंध में कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में किसान संघ प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री प्रवीण फुलपगारे, संबंधित विभागों के जिला अधिकारी, बीमा कम्पनी के अधिकारी एवं किसान संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले में उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा का ध्यान रखा गया है। जिले में एफएक्यू का पालन करते हुए ही सोयाबीन खरीदा जायेगा। सर्वेयर को ट्रेनिंग दी गई है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले के किसान डीएपी के स्थान पर एन.पी.के. मिश्रित उर्वरकों का उपयोग करें। खाद वितरण में जहां भी अनियमिता पाई जायेगा कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि बीमा कम्पनी द्वारा फसल नुकसानी का सर्वे किया गया है। 8200 जगह पर बीमा कम्पनी द्वारा जीटी पाईंट लिये गये, जिससे सर्वे का कार्य और अच्छे से हुआ है।
बैठक में बताया गया कि जिले में 31 दिसम्बर तक सोयाबीन उपार्जन कार्य किया जायेगा। जिले में उर्पाजन के लिए 21 केन्द्र बनाये गये है। प्राइज सपोर्ट स्किम के तहत सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4892 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सोयाबीन खरीदी नाफेड एवं एनसीसीएफ राष्ट्रीय एजेन्सी द्वारा की जाएगी। उपार्जन केन्द्र पर उपार्जन ऐजेन्सी द्वारा सोयाबीन का उपार्जन कार्य सप्ताह में पांच दिवस सोमवार से शुक्रवार सुबह 8.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक किया जाएगा।
ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को अपनी उपज विक्रय हेतु एसएमएस प्राप्त होने का इंतजार करने की आवश्यकता को समाप्त करते हुए कृषक उपज तैयार होने पर विक्रय हेतु उपार्जन केन्द्र एवं उपज विक्रय का दिनांक स्वयं ई-उपार्जन पोर्टल पर पता कर सकेंगे। ई-उपार्जन पोर्टल पंजीकृत/कृषक द्वारा स्वयं के मोबाइल पर एमपीऑन लाईन/सीएससी/लोक सेवा केन्द्र/ इंटरनेट कैफे/उपार्जन केन्द्र से स्लाट बुकिंग की जा सकेगी।
एफएक्यू सोयाबीन ही खरीदा जायेगा। जिसमें विजातीय पदार्थ एवं अशुद्धियां 2 प्रतिशत, सिकुडी हुई अपरिपक्व फलियां 5 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त एवं घुनयुक्त फलियां 3 प्रतिशत, हार्वेस्टर मशीन से क्षतिग्रस्त फलियां (विभाजित एवं टूटी फलियां) 15 प्रतिशत, नमी की मात्रा 12 प्रतिशत है। किसान भाइयों से अनुरोध है कि अपनी सोयाबीन फसल को साफकर एवं सुखाकर एफएक्यू मापदण्डों अनुरूप खरीदी केन्द्रों पर अपनी उपज लाए एवं उचित मूल्य प्राप्त करें।