समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी हुई प्रारंभ,6091 किसानों के रकबे का हुआ सत्यापन

खरगौन l किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने और उन्हें बिचौलियों व दलालों के शोषण से बचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी की व्यवस्था की गई है। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी 25 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है। खरगोन जिले में किसानों से सोयाबीन खरीदी के लिए 09 केन्द्र बनाएं गए हैं। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी 31 दिसंबर 2024 तक चलेगी।
कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा के मार्गदर्शन में खरगोन जिले में समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई है। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी के लिए खरगोन जिले में गणेश सहकारी विपणन संस्था खरगोन, सतपुड़ा विपणन सहकारी संस्था भगवानपुरा, दि. कॉपरेटिव मार्केटिंग संस्था भीकनगांव, दि. कॉपरेटिव मार्केटिंग संस्था सनावद, जनहित सहकारी विपणन संस्था करही, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था कतरगांव, देवश्री सहकारी संस्था कसरावद, मातेश्वरी मार्केटिंग संस्था सेगांव एवं विवेकानंद सेवा सहकारी संस्था झिरन्या को केन्द्र बनाया गया है।
6091 किसानों के रकबे का हुआ सत्यापन
खरगोन जिले में सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए 6092 किसानों द्वारा अपना पंजीयन किया गया है। इन किसानों की फसल एवं रकबे के सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सेगांव तहसील के 01 किसान का सोयाबीन रकबा सत्यापन में शुन्य पाया गया है। अतः जिले में पंजीकृत 6091 किसानों से सोयाबीन की खरीदी की जाएगी। सोयाबीन की बिक्री के लिए खरगोन तहसील के 969, खरगोन नगर तहसील के 138, सेगांव के 507, भगवानपुरा के 194, गोगांवा में 538, भीकनगांव के 1057, झिरन्या के 465, बड़वा हके 329, सनावद के 130, महेश्वर के 1223 एवं कसरावद तहसील के 541 किसानों के रकबे का सत्यापन किया गया है। इस प्रकार जिले के 6091 किसानों के 11 हजार 710 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी सोयाबीन फसल का सत्यापन कर लिया गया है।
12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर रिजेक्ट होगा सोयाबीन
पंजीकृत किसानों से निर्धारित केन्द्रों पर 4892 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन की खरीदी की जाएगी। सोयाबीन की खरीदी एफएक्यू मापदंड के अनुसार ही की जाएगी। सोयाबीन में 12 प्रतिशत से अधिक नमी पाये जाने पर उसे रिजेक्ट किया जाएगा। अतः किसानों से अपील की गई है कि सोयाबीन को अच्छी तरह सुखाकर एवं साफ करने के बाद ही बिक्री के लिए खरीदी केन्द्र पर लाएं। किसानों से खरीदे गए सोयाबीन के प्रत्येक बारे पर किसान का पंजीयन क्रमांक व नाम एवं खरीदी केन्द्र का नाम दर्ज किया जाएगा। गोदाम में यदि खराब सोयाबीन आ जाता है तो उसे तुरंत उसी समिति या संस्था को वापस किया जाएगा जो इसे लेकर आयी है। इसके परिवहन का खर्च भी समिति को उठाना होगा।