अनूपपुर l गोवर्धन पूजा की परम्परा प्राचीन संस्कृति से जुड़ी हुई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस परम्परा के निर्वहन में कमी देखी जा रही है। यह परम्परा धार्मिक और सद्भाव को बढ़ावा देती है। गौमाता का जीवन में बड़ा महत्व है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तिथियों और त्यौहारों को सरकार से जोड़कर भारतीय संस्कृति की परम्परा को विधि-विधान से मनाने का कार्य किया जा रहा है। यही हमारी संस्कृति है। उक्ताशय के विचार मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने जिले के जनपद पंचायत कोतमा के ग्राम पंचायत बेनीबहरा के ग्राम जलसार स्थित नंद गौशाला में गौवंश रक्षा वर्ष के अंतर्गत राज्य शासन के दिशानिर्देशानुसार आयोजित गोवर्धन पूजा के जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। 

इस अवसर पर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, एसडीएम कोतमा श्री अजीत तिर्की, जनपद कोतमा के उपाध्यक्ष श्री अभिषेक सिंह, जनपद पंचायत कोतमा के सीईओ श्री लाल बहादुर वर्मा, जिला पंचायत सदस्य श्री रामजी रिन्कू मिश्रा, सुश्री भारती केवट, सरपंच एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीण, गौपालक, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी, पत्रकार आदि उपस्थित रहे। 

मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कोतमा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बेनीबहरा के ग्राम जलसार के नंद गौशाला में विधि-विधान से गौवर्धन पूजा की तथा गौशाला का अवलोकन भी किया। उन्होंने इस अवसर पर गौशाला का संचालन कर रहे स्वसहायता समूह के पदाधिकारियों को शॉल-श्रीफल द्वारा सम्मानित किया। 

मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में त्यौहारों का उद्देश्य सद्भावों को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भारतीय संस्कृति के परम्परा को बढ़ावा देने के प्रयास सराहनीय है। उन्होंने जिले में 29 गौशालाओं पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 12 गौशालाओं का वर्तमान में संचालन हो रहा है, शेष 17 गौशालाओं को प्रारंभ करने के प्रयास प्रगतिरत है। उन्होंने स्वसहायता समूह को गौशालाओं के बेहतर संचालन के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गौ वंश के लिए चारागाह के विकास तथा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्थक प्रयास सुनिश्चित किए जांए। जिससे गौशालाओं के संचालन कर्ताओं को भी लाभ प्राप्त हो। 

इस अवसर पर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कहा कि राज्य शासन के दिशानिर्देशानुसार जिले के सभी 12 संचालित गौशालाओं में गौवर्धन पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन 17 गौशालाओं के कार्य प्रगति पर है। जिनके संचालन से गौवंश लाभान्वित होंगे तथा बड़ी संख्या में यत्र-तत्र विचरण करने वाले गौवंश की रक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने स्वावलम्बी गौशाला के लिए सार्थक प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चारागाह के विकास, पेयजल, विद्युतीकरण तथा गोबर आदि से नवाचार कर गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने गौशालाओं के बेहतर संचालन आदि के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।