एक दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

देवास l प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 ( वाटरशेड) परियोजना के अंतर्गत आईटीसी मिशन सुनहरा कल, सीपा संस्था एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण क्रॉप पी.ओ.पी. कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र सभाकक्ष देवास किया गया। कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, उपसंचालक कृषि श्री गोपेश पाठक, सहायक संचालक श्री लोकेश गंगराड़े, विलास पाटिल, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी देवास श्री राहुल जयसवाल, बागली आरके विश्वकर्मा, वाटरशेड से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर समस्त टीम, आत्मा परियोजना से ब्लॉक तकनीशियन प्रबंधक, कृषि मृदा संरक्षण से श्री पूनम सिंह राठौड़, वाटरशेड से संबंधित ग्राम के कृषि विस्तार अधिकारी एवं कृषि सखी, साथ में आईटीसी मिशन सुनहरा कल सहयोगी सीपा संस्था की टीम सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।
कार्यशाला में आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं सीपा संस्था से जिला समन्वयक श्री कमलेश शाह ने कार्यक्रम के उद्देश्य और चार स्तंभ जलवायु कुशल कृषि, प्राकृतिक संसाधन, आजीविका विविधीकरण एवं कृषकों को संस्थागत जुड़ाव पर कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारियों एवं कृषि सखी से विस्तार में चर्चा की। कार्यशाला में कृषि विभाग से डीडीए श्री गोपेश पाठक द्वारा तकनीकी कृषि से पोषक तत्वों और नरवाई प्रबंधन पर विस्तृत रूप में चर्चा की गई। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ ए.के. बड़ाया ने प्राकृतिक खेती के स्तंभ केंचुआ खाद, हरी खाद, गोबर की खाद, जीवामृत, वीजाअमृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, दसपर्णी अर्क तैयार करने की तरीके और उनके लाभ बताते हुए। मौसम संबंधित होने वाली कृषि क्षति को रोकने को लेकर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यशाला में वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह ने फसल गेहूं और चना पर पीओपी द्वारा भूमि तैयारी से लेकर भंडारण तक के महत्व एवं रबी फसल बीज के विभिन्न प्रजातियों के महत्व और बीज की किस्म एवं प्रतिरोधक क्षमता के महत्व पर जानकारी दी।