जैविक खेती का विकास एवं मिट्टी के जैविक मिट्टी में बदलने का प्रशिक्षण दिया गया

कटनी - वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्राचार्य इंद्र कुमार पटेल के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक मंजू द्विवेदी तथा विवेक चौबे के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जैविक खेती के विकास के लिए रासायनिक खाद, कीटनाशक, खरपतवार नाशक और अन्य रासायनिक दवाइयां के स्थान पर ग्राम में उपलब्ध संसाधनों से गोबर कम्पोस्ट, नाडेप टांका, खाद, केंचुआ खाद, हरी खाद, खली, जैव उर्वरक, नील हरित काई, शीघ्र खादें तथा फसल चक्र मिश्रित खेती बहुत फसली कृषि प्रणाली अंतरवर्ती फसल पद्धति तथा 40 प्रतिशत दलहनी फसलों का उपयोग समेकित प्रबंधन पर आधारित है। इसके लिए भूमि प्रबंधन, जल प्रबंधन, बीज उपचार, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग नियंत्रण कटाई, गहाई और भंडारण का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मिट्टी को जैविक मिट्टी में बदलने के लिए मिट्टी में विभिन्न जैविक खादों के उपयोग करना आवश्यक है। जिससे भूमि में पोषक तत्वों की पूर्ति एवं उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि हो सके।