झाबुआ l रबी मौसम 2024-25 अन्तर्गत 134873 हेक्टेयर रकबा लक्षित होकर 110575 हेक्टेयर में बुआई कार्य सम्पन्न हो चुका है, जिसमें गेहूँ 85745 हेक्टेयर, चना 17850 हेक्टेयर, मक्का 5555 हेक्टेयर तथा अन्य फसलें 1425 हेक्टेयर शामिल होकर अद्यतन फसल स्थिती सामान्य देखी गई। कलेक्टर नेहा मीना के द्वारा प्रदत्त निर्देश के परिपालन में रबी मौसम की फसलो हेतु आवश्यक उर्वरको की आपूर्ति एवं सुलभता से वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री एन.एस. रावत द्वारा विकासखण्ड पेटलावद में संचालित नगद उर्वरक विक्रय केन्द्र तथा सहकारी समितिया रायपुरिया, पेटलावद, सांरगी तथा बामनिया का भ्रमण कर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। भ्रमण के दौरान श्री रावत द्वारा बताया है कि रबी मौसम में कृषको को उनकी आवश्यकता के अनुरुप उर्वरक उपलब्ध होकर वितरण कार्य प्रचलित है, तथा जिन नगद उर्वरक विक्रय केन्द्र/सहकारी समितियों में उर्वरक का भण्डारण कम होने पर नजदिकी डबल लॉक केन्द्र से आपूर्ति किये जाने संबंधि निर्देश दिये गये।

         जिले में उर्वरक नगद विक्रय केन्द्र-मार्कफेड डबल लॉक केन्द्र झाबुआ, मेघनगर, पेटलावद, विपणन सहकारी संस्था-पेटलावद के साथ कृषि उपज मण्डी पेटलावद, सारंगी, रायपुरिया, थांदला, पारा एवं रानापुर में खोले गये जहाँ से कृषक बन्धु अपनी आवश्यकता के अनुरुप आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, खसरा खतौनी के साथ उर्वरक वितरण केन्द्र पहुँच कर सुगमता से उर्वरक प्राप्त कर सकते है। साथ ही सोयाबीन उपार्जन केन्द्र रायपुरिया, पेटलावद, सांरगी पर भी सोयाबीन आवक, ग्रेडिंग, नापतौल तथा नमी संबंधि फेक्टर्स का बारीकी से आवलोकन किया जाकर आवश्यक निर्देश दिये गये।

         भ्रमण के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री एस. एस. रावत एवं विकासखण्ड पेटलावद के प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री एम. एस. मुवेल भी सम्मिलित थे। उप संचालक कृषि द्वारा भ्रमण के दौरान क्षेत्र के कृषकों से रुबरु चर्चा करते हुये समसायिक सलाह भी दी गई- * खेत में पलेवा कर के ही फसलों की बुआई करे। * खेत में खरपतवार इत्यादि को नष्ट करे / खेत को साफ रखे। * जिले के लिये अनुशंसित किस्मों का ही बुआई के लिये चयन करे। * खेत फसल की नियमित निगरानी / देखभाल करे। * किटव्याधियों के प्रकोप होने पर अनुशंसित किटनाशक का उचित मात्रा में प्रयोग करे।