परफॉर्मेंस में नंबर वन हैं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल

भोपाल l दिसंबर माह में प्रदेश की भाजपा सरकार डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में अपना सफलतम एक वर्ष पूरा करने जा रही है । इस एक साल को बेमिसाल बनाने में जहां मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वयं जी - जान से जुटे हैं वहीं उनकी सरकार में महत्वपूर्ण विभाग पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल भी कहां पीछे रहने वाले हैं । विभागों की जन समस्याओं के निराकरण की जो सरकारी रिपोर्ट आई है उसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ज्यादातर कद्दावर मंत्रियों के विभाग डी श्रेणी में शामिल हैं इसका मतलब है कि उनकी परफॉर्मेंस कमजोर है। लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल की परफॉर्मेंस ने प्रभावित किया है । उनका विभाग "ए" श्रेणी में शामिल है इसका सीधा सा अर्थ है कि मंत्री प्रहलाद पटेल जन अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। जन समस्याओं के समाधान और योजनाओं की निगरानी के लिए सरकार का लोक सेवा प्रबंधन विभाग कड़ाई से निगरानी कर रहा है। कामकाज के आधार पर ही इन विभागों को ए,बी,सी,डी चार श्रेणियां में बांटा गया है। मंत्री प्रहलाद पटेल ना सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र में बल्कि प्रभार के जिलों में भी लगातार सक्रिय हैं। जब भोपाल में वह बंगलें पर होते हैं तो उनसे मिलने आने वाले एक-एक व्यक्ति से मुलाकात करते हैं ,उनकी समस्याएं सुनते हैं और यथा संभव निराकरण भी करते हैं । वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गतिविधियों की भी लगातार निगरानी करते हैं । समय-समय पर विभागीय समीक्षा बैठकों में स्पष्ट और कडे़ निर्देश भी देते हैं । उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री जनमन महाभियान में देश में प्रथम है । इस अभियान के तहत पहला आवास भी मध्य प्रदेश ने ही बना कर दिया था पेसा कानून के क्रियान्वयन में भी मध्य प्रदेश अव्वल है । हर ग्राम पंचायत में अपना पंचायत भवन होना चाहिए इसी मुहिम को आगे बढाते हुए प्रथम चरण में 1400 ग्राम पंचायतों के भवन बनाने की प्रकिया चल रही है । पर्यटन गांव बनाने के लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। अब सचिव और रोजगार सहायक की एसीआर सरपंच लिखेंगे l हमने Indiatv18 में 14 अगस्त 2024 को मंत्री जी और उनके स्टाफ की कार्य शैली के चर्चे नामक शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी उस खबर के अनुसार मंत्रिमंडल के सदस्यों की सक्रियता निरंतर बढ़ते ही जा रही है l कुछ मंत्री अपने क्षेत्र में ज्यादा समय दे रहे हैं तो कुछ मंत्रालय में l मंत्रियों या उनके स्टाफ से मिलने वाले लोगों की राय के आधार पर आमजन में एक नेरेटिव बनता है जिससे संबंधितों की छवि बनती भी है और बिगड़ती भी है l मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री जी के नए स्टाफ के चर्चे इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं l पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल के स्टाफ में आए विशेष सहायक और विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी तथा अन्य स्टाफ मध्य प्रदेश में पहले किसी मंत्री के स्टाफ में नहीं रहे हैं इसके बावजूद उनके काम करने के अंदाज़ ने 2003 की नई-नई बनी भाजपा सरकार की याद दिला दी है l उस समय कोई कार्यकर्ता या आमजन मंत्री के बंगले आते थे तो सबसे पहले जलपान फिर उस आने वाले व्यक्ति की समस्या का निराकरण पूरी ईमानदारी के साथ किया जाता था l ऐसा लगता था कि जैसे रामराज्य आ गया है और अगर मंत्री जी से मिलना हो जाए तो सोने पर सुहागा हो जाता था, बीस साल बाद अब भी ऐसा ही नजारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के बंगले पर नजर आ रहा है l मंत्री जी यदि बंगले पर नही हैं तब भी उनसे मिलने आए लोगों की ना सिर्फ पूरी बात सुनी जाती है बल्कि यदि दूरभाष पर निर्देश देने की आवश्यकता हो तो निर्देश भी दिए जाते हैं l बिना जलपान के किसी को लौटने नहीं दिया जाता l मंत्री जी के बंगले से निकल रहे सकारात्मक संदेश मध्यप्रदेश सरकार के लिए भी बड़ी राहत देने वाले हैं l मंत्री जी के स्टाफ का कोऑपरेट करने वाला व्यवहार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है l वहीं अगर मंत्री जी की बात की जाए तो वे विभागो में ऐसे नवाचार कर रहे हैं जिनके बारे में कभी सोचा ही नहीं गया l सरकारी रिपोर्ट के खुलासे ने हमारी उस खबर को प्रमाणिक साबित कर दिया है। पटेल की सक्रियता और उनकी कार्यशैली का ही परिणाम है कि उनका विभाग आज "ए" श्रेणी में शामिल है इसलिए वह परफॉर्मेंस में नंबर वन है ।