झाबुआ जिले के ग्रामीण जनों की आजीविका का मुख्य स्रोत खेती किसानी है कृषि के मुख्य कार्यों के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय सृजन के स्रोतो से जोडना समय की महती आवश्यकता है। आय सृजन के अतिरिक्त संसाधन जुटाने मे रुचि रखने वाले किसान परिवारो के लिए ऑइस्टर मशरूम उत्पादन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कलेक्टर नेहा मीना ने मेघनगर विकासखण्ड के ग्राम सजेली मालजी सात में अपने भ्रमण के दौरान ग्रामीण जनो से चर्चा करते हुये उक्ताशय के विचार व्यक्त किये। ग्राम सजेली मालजी सात मे प्रारम्भिक तौर पर 10 से अधिक किसानो ने ऑइस्टर मशरूम उत्पादन की शुरूआत किये जाने के उपरान्त कलेक्टर नेहा मीना ने स्वयं प्रत्यक्षतः अवलोकन करते हुये ग्रामीण जनो से चर्चा करते हुये समुचित निर्देश दिये। ग्राम के कृषक पुष्पा, दिनेश धन्ना, दलसिंह लालजी, अमरसिंह लालजी के यहा मशरूम उत्पादन गतिविधि का सुक्ष्मता से अवलोकन करते हुए समुचित सावधानी बरतने की अपेक्षा व्यक्त की गई। जिले में कृषिगत संवर्ग के विभिन्न विभागो की समीक्षा बैठको मे विगत समय से ऑइस्टर मशरूम उत्पादन के निर्देश दिये जाते रहे है।

         कृषक मूलचंद परमार द्वारा लगाई गई ऐजोला उत्पादन इकाई का अवलोकन करते हुये कलेक्टर नेहा मीना ने अन्य ग्रामीणो से अपनाने का आग्रह किया। अपने भ्रमण के दौरान कलेक्टर नेहा मीना ने ग्राम में अमरसिंह परमार के यहाँ अरहर की झाबुआ देशज किस्म के प्रक्षेत्र का अवलोकन किया। मिर्ची उत्पादन की नवीन वैज्ञानिक पद्धति टनल कल्टीवेशन अपनाते हुये कृषक दलसिंह लालजी द्वारा किये गये नवाचार का कलेक्टर द्वारा अवलोकन करते हुये कृषको को प्रोत्साहित किया। कृषक दिनेश परमार द्वारा स्थापित सीड बैंक मे अनाजो, दलहन की झाबुआ की विभिन्न देशज परम्परागत किस्मो का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुये कलेक्टर नेहा मीना द्वारा इनके संरक्षण ओर संवर्धन पर जोर दिया। उप संचालक कृषि एन.एस. रावत द्वारा विगत दिनो इंदौर में आयोजित जैविक हाट मे सजेली मालजी सात के किसानों की सक्रिय भागीदारी के सम्बंध मे कलेक्टर को विस्तार से अवगत कराया। क्षेत्र के किसानों की जिले से बाहर जैविक उत्पाद विपणन कार्यक्रम मे बडे स्तर पर सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये इसे उत्तरोत्तर गतिमान बनाय रखने के लिए कृषको का उत्साह वर्धन किया।

         भ्रमण के दौरान कलेक्टर द्वारा ग्रामीणों से समस्या के बारे में पूछने पर ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा ट्रांसफॉरमर नहीं लगाए जाने की समस्या बताई कलेक्टर ने जल्द से जल्द कार्यवाही करने का निर्देश दिया साथ ही सचिव के उपस्थित ना होने एवं कार्य में लापरवाही बरतने के कारण नोटिस दिए जाने हेतु निर्देश दिए। कृषिगत संवर्ग के नूतन ओर उन्नत कार्यों के अवलोकन के लिये कलेक्टर नेहा मीना द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिले के उप संचालक कृषि एन.एस. रावत, कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ. जगदीश मौर्य, परियोजना संचालक आत्मा जी. एस. त्रिवेदी, एम. एस. धार्वे, उप परियोजना संचालक आत्मा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रकाश बामनिया और मैदानी अमला उपस्थित रहा।