मुख्यमंत्री ने जापान में इंटरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों से किया संवाद

जापान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व बन्धुत्व की भावना के साथ नई वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। जापान ऐतिहासिक रूप में गौतम बुद्ध की परंपरा से जुड़ा है और भारत गौतम बुद्ध की धरती है। भारत और जापान का सदियों से परस्पर संबंध रहा है। प्राचीनकाल से आधुनिक युग तक जापान का समृद्ध इतिहास रहा है। विनाशकारी भूकंपों और प्राकृतिक आपदाओं से उबरने में जापान द्वारा दिखाई गई उद्यमशीलता को नमन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस जीवटता से जापान ने विश्व में विशेष पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जापान स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित शो इंटरैक्टिव सेशन ऑन "इनवेस्टमेंट अर्पोचुनिटीज इन मध्यप्रदेश" के अवसर पर उद्योगपतियों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस यात्रा से मध्यप्रदेश-जापान की मित्रता में एक नये अध्याय की शुरुआत होगी।
जापान से जुड़े हैं मध्यप्रदेश के व्यावसायिक संबंध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान अपनी विशिष्ट जीवन शैली और औद्योगिक शैली के आधार पर आर्थिक संपन्नता में महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाला देश है। प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि जापान से मध्यप्रदेश के व्यावसायिक संबंध भी जुड़े हैं। वर्ष 2023-24 में मध्यप्रदेश से जापान को 92.8 मिलियन डॉलर का निर्यात किया गया, इनमें एल्युमिनियम से बनी वस्तुएं, कार्बनिक रसायन, परमाणु रिएक्टर्स, बॉयलर्स, यांत्रिक उपकरण, फार्मास्युटिकल उत्पाद सहित अन्य मशीनरी शामिल हैं। जापान में मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों से जुड़े उद्योग भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान के उद्योग समूहों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में भारत के राजदूत श्री सिबी जॉर्ज का व्यवसायिक घरानों से जोड़ने के लिये निभाई गई महती भूमिका के लिये आभार माना।
उद्योग अनुकूल नीतियों से देश-विदेश के उद्योग समूहों की रूचि मध्यप्रदेश में बढ़ी है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 9 करोड़ से अधिक की आबादी के साथ मध्यप्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक दशक में तीन गुना बढ़ी है, अर्थव्यवस्था को अगले पाँच साल में दोगुना करना हमारी सरकार का लक्ष्य है। पूंजीगत व्यय और शासकीय व्यय में पिछले एक साल में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो हमारे प्रदेश की प्रगति का द्योतक है। पिछले पाँच वर्ष में राज्य ने निर्यात की दिशा में विशेष प्रयास किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2023-24 में 65 हजार करोड़ का निर्यात किया गया।
ऊर्जा, खनन, शिक्षा, एम.एस.एम.ई. सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में उद्योग अनुकूल नीतियां लागू की जा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश में मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना है, साथ ही विश्व में उद्योग समूहों की रूचि भी मध्यप्रदेश में बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए नीतियों के इतर जाकर भी यदि आवश्यकता होगी तो निवेशकों की सहूलियत के लिये सरकार नीतियों में परिवर्तन करेंगी।
सेक्टर केन्द्रित नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूड पार्क्स, आईटी पार्क्स, प्लास्टिक पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, सोलर इक्विपमेंट पार्क, फूट वियर पार्क, ईवी पार्क, टेक्सटाईल पार्क, गारमेंट पार्क, प्लग एंड प्ले जोन, सेमीकंडक्टर पार्क आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में समान रूप से संभावना बनी है। राज्य सरकार की गारमेंट, लॉजेस्टिक्स, ईवी, खाद्य प्रसंस्करण, इथेनॉल, आईटी, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेस इत्यादि सेक्टर्स पर केन्द्रित विशेष नीतियाँ निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। मध्यप्रदेश फूड बॉस्केट कहलाता है, इससे कई सेक्टर जुड़े हैं, जिनसे संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सभी ओर से प्रोत्साहन मिल रहा है।
कौशल उन्नयन क्षेत्र में हैं बड़ी संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 24-25 फरवरी 2025 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ कर रहे हैं। इस समिट में सभी महत्वपूर्ण सेक्टर्स पर केन्द्रित सेमिनार होंगे और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। विशेष रूप से कौशल उन्नयन के क्षेत्र में प्रदेश में बड़ी संभावनाएँ विद्यमान हैं। बड़ी संख्या में युवा शक्ति के साथ ही प्रदेश में कई आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक जैसी संस्थाएं विद्यमान हैं। इस क्षेत्र में जापान और मध्यप्रदेश साथ मिलकर महत्वपूर्ण कार्य कर सकता है। प्रदेश में निजी क्षेत्र के 52 और 17 शासकीय विश्वविद्यालय सहित इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य संस्थाएं विद्यमान हैं। इन क्षेत्रों में सहयोग दोनों के लिए लंबे समय तक हितकारी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप जापान और मध्यप्रदेश प्रगति के पथ पर विश्वस्त सहयोगी के रूप में अग्रसर होंगे।
जापान ने दुनिया को अपनी दृढ़ता और नवाचार की क्षमता दिखाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान का इतिहास प्रचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक विविध और समृद्ध रहा है। विनाशकारी भूकंपों और प्राकृतिक आपदाओं से उभरते हुए जापान ने दुनिया को अपनी दृढ़ता के साथ नवाचार की क्षमता भी दिखाई है। जापान आज टेक्नोलॉजी के साथ रोबोटिक्स और ऑटोमोबाइल निर्माण में अग्रणी है। भारत और जापान के बीच व्यवसायिक संबंध तब शुरू हुए जब पैनासोनिक ने वर्ष 1972 में अपने विनिर्माण संयंत्र स्थापित किये हैं। आज भारत और जापान एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी साझा करते हैं।