हरदा / कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने मंगलवार शाम को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित बैठक में गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान सोयाबीन एवं धान उपार्जन की अब तक की प्रगति के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। बैठक में कृषि, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ नागरिक आपूर्ति निगम और कृषि उपज मंडी के अधिकारी व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री कुमार शानु देवड़िया भी मौजूद थे। बैठक में जिले के सभी एसडीएम व तहसीलदार वर्चुअली जुड़े।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि ब्लॉक लेबल पर समितियों के साथ बैठक कर शासकीय व निजी वेयरहाउसो की जानकारी भेजें। बैठक में बताया गया कि सभी शासकीय उपार्जन केन्द्र 1 मार्च से प्रारम्भ कर दिये जायेंगे। उन्होने निर्देशित किया कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में फसलों के पंजीयन व सत्यापन पर ध्यान दें। उन्होने निर्देश दिये कि सभी एसडीएम मंडी में बैठक लेकर हम्मांलों व अन्य व्यवस्था के संबंध में चर्चा कर लें। बैठक में बताया गया कि नरवाई प्रबन्धन हेतु जिले के 100 गावों को चिन्हित किया गया है, इनमें खिरकिया के 20 तथा हरदा व टिमरनी विकासखण्ड के 40-40 गांव सम्मिलित है। इन ग्रामों में नोडल अधिकारी नियुक्त कर कस्टम हायरिंग सेंटर्स के माध्यम नरवाई प्रबन्धन हेतु सहायक उपकरणों का प्रचार-प्रसार करेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में निर्देश दिये कि उपार्जन से पूर्व किसानों की ई केवायसी व आधार लिंकिंग कार्य पहले से ही पूर्ण कर लें ताकि फसल उपार्जन के भुगतान में किसी प्रकार की समस्या न हो।