राजगढ़ । एक मार्च से प्रारंभ हो रहे गेहूं समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन कार्य की तैयारियों की कलेक्‍टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा गुरूवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की गई।

     बैठक में कलेक्‍टर ने कहा कि उपार्जन के लिए क्षेत्रवार पंजीकृत किसानों की संख्‍या के आधार पर उपार्जन केन्‍द्रों की संख्‍या का निर्धारण किया जाए। जहां आवश्‍यकता है वहां उप-केन्‍द्रों की स्‍थापना की जाए। कलेक्‍टर ने कहा कि पंजीयन केन्‍द्रों पर अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन हो यह सुनिश्चित किया जाए। उन्‍होंने गिरदावरी कार्य की स्थितिकी भी जानकारी ली।

     बैठक में कलेक्‍टर ने कहा कि उपार्जन अविध के दौरान कृषि उपज मंडियों में व्‍यापरियों के पास भंडारित गेहूं का बिना सक्षम अधिकारियों की अनु‍मति के परिवहन अथवा विक्रय न किया जाए। सभी अनुविभागीय राजस्‍व अधिकारी उपार्जन प्रारंभ होने के पूर्व मंडियों में भंडारित गेहूं का सत्‍यापन भी कर लें। अन्‍य राज्‍यों से जिले में समर्थन मूल्‍य पर विक्रय के लिए गेहूं न आए इस बात के दृष्टिगत जिले के सीमावत्‍ती प्रवेश मार्गों पर नाके स्‍थापित किए जाएं।

     कलेक्‍टर ने निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य को सुव्‍यवस्थित संचालित करने के दृष्टिगत प्रत्‍येक उपार्जन केन्‍द्र पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। बैठक स्‍व-सहायता समूहोंएफपीओ को उपार्जन कार्य का जिम्‍मा देने पर भी चर्चा की गई। इस दौरान कलेक्‍टर ने निर्देश दिए कि किसानों के पंजीयन के दौरान सहकारी बैंक के शत-प्रतिशत ऋण वसूली की पंजीयन एप पर प्रविष्टि की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि अभी तक 9621 कृषकों से 3644.83 लाख ऋण वसूली की प्रविष्टि की जा चुकी है।

     बैठक में कृषिभू-अभिलेखजिला आपूर्ति विभागसहकारितानागरिक आपूर्ति निगमएवं अन्‍य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।