कलेक्टर श्री नारायन ने की गेहूं उपार्जन और उर्वरक वितरण की समीक्षा
छिंदवाडा़ जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा गेहूं उपार्जन कार्य के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने गत दिवस कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में कृषि, सहकारिता, मार्कफेड एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उर्वरक वितरण और गेहूं, चना एवं मसूर उपार्जन की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान सभी एसडीएम और फील्ड के अधिकारी वीसी से जुड़े थे।
ई- टोकन प्रणाली से ही हो उर्वरक वितरण - बैठक में कृषि, सहकारिता, मार्कफेड एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ विकासखंडवार उर्वरक उठाव की स्थिति पर चर्चा करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि जिले में उपलब्ध उर्वरक का वितरण पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से किया जाए। जिले में वर्तमान में लगभग 96 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण उपलब्ध है, जिसमें 48 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 20 हजार मीट्रिक टन डीएपी एवं एनपीके, 19 हजार मीट्रिक टन एसएसपी तथा 4600 मीट्रिक टन एमओपी शामिल है।
कलेक्टर श्री नारायन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को केवल ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही उर्वरक वितरण किया जाए, जिससे अव्यवस्था और भीड़ की स्थिति न बने। सभी एसडीएम को डबल लॉक केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं महाप्रबंधक सहकारिता को समितियों के माध्यम से किसानों को शीघ्र उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुचारू रहे गेहूं उपार्जन, परिवहन एवं भंडारण - बैठक में गेहूं उपार्जन, परिवहन एवं भंडारण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री नारायन ने सभी उपार्जन केंद्र प्रभारियों, परिवहनकर्ताओं एवं गोदाम प्रभारियों को निर्देशित किया कि खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध रहे तथा उपार्जित गेहूं का तेजी से परिवहन कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गोदाम स्तर पर किसी भी किसान का गेहूं अस्वीकृत न किया जाए, ताकि किसानों को उनके उपार्जित स्कंध का भुगतान समय पर प्राप्त हो सके।
बैठक में जिला उपार्जन समिति, सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि वे जिला प्रबन्धक नागरिक आपूर्ति निगम से समन्वय स्थापित कर सभी उपार्जन केंद्रों पर बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता और गेहूं परिवहन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।


