कौशल विकास को नई तकनीकी दिशा देगा, जीएसपी और केंद्रीय कृषि यंत्र प्रशिक्षण संस्थान के बीच हुआ एमओयू
भोपाल l कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल के मार्गदर्शन में संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (जीएसपी) ने तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण को नई ऊँचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान SSRGSP और केंद्रीय कृषि यंत्र प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, बुधनी (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते का उद्देश्य तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में कौशल विकास को उद्योग-अनुरूप बनाना, आधुनिक उपकरणों एवं उन्नत तकनीकों से युक्त प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं को सुदृढ़ करना, विशेषज्ञता एवं तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना तथा इंजीनियरिंग एवं कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्रों में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह साझेदारी राज्य में कौशल विकास को पारंपरिक प्रशिक्षण से आगे बढ़ाकर प्रौद्योगिकी-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
एआई आधारित रचनात्मक प्रौद्योगिकी पर उद्योग जगत के साथ संवाद
समझौते के उपरांत श्री टेटवाल ने एआई आधारित रचनात्मक प्रौद्योगिकी और भविष्य उन्मुख कौशल विकास को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस अवसर पर अभिनेता एवं उद्यमी तथा प्रिज़मिक्स स्टूडियोज के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वत्सल सेठ, एनवाई वीएफएक्स वाला के उपाध्यक्ष (व्यवसाय) श्री योगेश छग तथा गेटसेट लर्न के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमीत ज़ावेरी ने सहभागिता की।
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पाठ्यक्रमों की शुरुआत, जनरेटिव एआई आधारित स्टोरीटेलिंग, रचनात्मक प्रौद्योगिकी और उभरते कौशलों को प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि कौशल विकास की दिशा अब केवल पारंपरिक ट्रेड तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि एआई, डिजिटल कंटेंट, विजुअल इफेक्ट्स और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम विकसित करना समय की आवश्यकता है, ताकि युवाओं की रोजगार क्षमता को वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाया जा सके।
उद्योग अनुभव और नए रचनात्मक अवसर
चर्चा के दौरान श्री वत्सल सेठ ने प्रिज़मिक्स स्टूडियोज की यात्रा साझा करते हुए बताया कि जनरेटिव एआई आधारित स्टोरीटेलिंग तेजी से विकसित हो रही है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक कंटेंट निर्माण प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण उत्पादन परत के रूप में उभर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रॉम्प्ट इंजीनियर, एआई वीडियो संपादक और एआई-फर्स्ट क्रिएटिव डायरेक्टर जैसे नए पेशेवर अवसर तेजी से सामने आ रहे हैं, जो तकनीक और रचनात्मक उद्योगों के समन्वय को दर्शाते हैं।
अत्याधुनिक अधोसंरचना और उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण
प्रतिनिधिमंडल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण किया और मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा, भारतीय प्रशासनिक सेवा के साथ सार्थक चर्चा की। डॉ. शर्मा ने संस्थान की अत्याधुनिक अधोसंरचना, उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण व्यवस्था और प्रायोगिक शिक्षण मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीक के तीव्र परिवर्तन के दौर में भी सशक्त कहानी, विश्लेषण क्षमता और प्रभावी लेखन कौशल एआई आधारित कंटेंट निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशिक्षण केंद्रों, तकनीकी प्रयोगशालाओं और प्रायोगिक मॉड्यूल का अवलोकन किया तथा संस्थान की उद्योग-केंद्रित कार्यप्रणाली की सराहना की। इस अवसर पर निदेशक (एक्सटर्नल रिलेशन्स) श्री नीरज सहाय, निदेशक (प्रशासन एवं वित्त) श्रीमती रोमा बाजपेई, निदेशक (व्यावसायिक विकास) श्री सी. के. बघेल, निदेशक (क्रय एवं सुविधा प्रबंधन) श्री संजय जैन सहित उप निदेशक, सहायक निदेशक, पाठ्यक्रम प्रमुख, सॉफ्ट स्किल्स विशेषज्ञ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


