लो मिल गया ❗ माफ़ी नामा ❗ सत्य की जीत हुई...
दिव्य चिंतन
हरीश मिश्र
रायसेन l जीवन में इस पल तक समाज कल्याण, राष्ट्र के उत्थान व स्वयं के आत्म सम्मान की रक्षा के लिए मुझे शस्त्र उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ी । मेरे पास जो शस्त्र है वह रक्तपात नहीं करता ।जिससे मैंने कामचोरों की मक्कारी, भ्रष्टाचारियों के भ्रष्टाचार, बेइमानों के काले कारनामों को उजागर किया है ❗ वह है मेरी कलम ❗ जो मुझे विरासत में मिली है , वही मेरा ब्रह्मास्त्र है ❗
दिनांक 27/07/25 को सोशल मीडिया प्रिंस व्हाट्सएप ग्रुप पर शा. आ. क. उ.मा. वि., रायसेन का षडयंत्र पूर्वक एक मनगढ़ंत, भ्रामक, असत्य शिकायती पत्र, मेरे विरुद्ध, मेरी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से वायरल किया गया था।
इस पत्र को वायरल करने के बाद मेरे द्वारा विधि अनुसार कार्यवाही की गई। कुछ कुंठा ग्रस्त कामचोर शिक्षकों के उस्ताद ने अपने ही
शिक्षक मित्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने, अपने ही विद्यालय परिवार के सदस्यों को फंसाने का षड्यंत्र किया, लेकिन मेरे ब्रह्मास्त्र, मेरी कलम के प्रहार से क्लेश उत्पन्न करने वालों का चेहरा उजागर हुआ है। मुझे शा. आ.क.उ.मा. विद्यालय प्राचार्य का माफ़ी नामा विधि अनुसार प्राप्त हुआ है । इसी के साथ आज हमने कुछ कामचोरों का तर्पण मिश्र तालाब पर अंजलि में जल, काले तिल, जौ, कुश, सफेद फूल, दूध और घृत से कर दिया। ईश्वर उनकी आत्मा को मुक्ति प्रदान करें, वह पवन में रहें या गगन में, बस बच्चों का अहित ना करें।
एक बार फिर घोर अंधेरे में आशा की किरण बनी मेरी कलम❗ अपने हक के लिए लड़ी मेरी कलम❗सच उजागर किया मेरी कलम ने❗
ज़िंदगी के हर मोड़ पर मेरा साथ दिया मेरी कलम ने ❗
मेरी कलम ने शब्दों को पाला है । आंधियों में, हर पल अपना रक्त पिलाकर । मेरी कलम ने कुछ
कामचोर शिक्षकों के ताजो़ तख्त की नींव हिलाकर रख दी । क्योंकि मैं कलम से लिखता हूं... स्याही में खून मिलाकर ।
माफीनामा मिलने के बाद इस षड्यंत्र को दफन कर कदम कदम पर कदंब लगाने निकल पड़ा हूं... आइए ❗ कदम-कदम पर कदंब लगाएं, हरियाली लाएं ❗


